ISIS ने दी अमेरिका में दस्तक, न्यू ऑर्लियंस में हुआ भीषण आतंकी हमला, तो वेगास में टेस्ला साइबरट्रक में हुआ विस्फोट
अमेरिका के न्यू ऑर्लियंस में ISIS के आतंकवादी ने हमला किया। इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई और 35 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
US Terror Attack: नए साल के पहले दिन अमेरिका के न्यू ऑर्लियंस (New Orleans) में एक भीषण आतंकी हमला हुआ, जिसने पूरे अमेरिका को हिला कर रख दिया। टेक्सास के रहने वाले 42 साल के शम्सुद्दीन जब्बार ने तेज़ स्पीड वाले पिकअप ट्रक से भीड़ को कुचल दिया। वह आईएसआईएस (ISIS) का समर्थक था। इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई और 35 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने जब्बार को मार गिराया। एफबीआई ने उसकी कार से आईएसआईएस का झंडा और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की। ठीक इस हमले के बाद लास वेगास में ट्रंप होटल (Trump Hotel) के सामने एक टेस्ला साइबरट्रक (Tesla Cybertruck) में विस्फोट हुआ । राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि इन दोनों घटनाओं के बीच किसी कनेक्शन की जांच की जा रही है, लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से पहले ट्रंप टावर के बाहर उनके साथी एलोन मस्क की टेस्ला कार में भी विस्फोटक से हमला हुआ था, जिससे अमेरिकी लोगों में भविष्य को लेकर डर पैदा हो गया है। जब्बार ह्यूस्टन की मस्जिद बिलाल में जाया करता था। अब मस्जिद ने अपने सभी सदस्यों से कहा है कि वे एफबीआई या मीडिया से बात न करें। इसके बजाय, उन्हें सीएआईआर (Council on American-Islamic Relations) और इस्लामिक सोसाइटी ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन (ISGH) से संपर्क करने के लिए कहा गया है। मस्जिद प्रबंधन ने यह भी कहा कि अब हमें एकजुट रहकर इस तरह की नफरत फैलाने वाली घटनाओं की निंदा करनी चाहिए। इस घटना के बाद, अमेरिका में रहने वाले मुस्लिमों में यह डर है कि कहीं 9/11 के हमले के बाद जैसा माहौल फिर से न बन जाए, जिससे निर्दोष लोगों को नुकसान उठाना पड़े। ट्रम्प समर्थकों ने न्यू ऑर्लियंस की घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश भी शुरू कर दी है।