TATA Group के शेयरों को लगा ₹8.2 लाख करोड़ का झटका, निवेश का बना मौका?
पिछले 6 महीनों में टाटा ग्रुप की बाजार वैल्यू 8.2 लाख करोड़ रुपये घटी। TCS और टाटा मोटर्स को भारी नुकसान, लेकिन इंडियन होटल्स के शेयर बढ़े।
टाटा ग्रुप, जो देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट घरानों में से एक है, को शेयर बाजार में हाल ही में आई गिरावट से भारी नुकसान हुआ है। टाटा ग्रुप की 24 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं, और बीते छह महीनों में इनकी कुल मार्केट वैल्यू 8.2 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है। यानी, कंपनी के कुल वैल्यूएशन में 24% की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और टाटा मोटर्स पर पड़ा है। सितंबर 2024 में टाटा ग्रुप की कंपनियों की कुल बाजार कीमत 34.77 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर थी। लेकिन अब यह घटकर 26.5 लाख करोड़ रुपये रह गई है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब शेयर बाजार पिछले 29 सालों की सबसे लंबी गिरावट झेल रहा है। विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है, जिससे टाटा ग्रुप की वैल्यू भी प्रभावित हुई है। टाटा ग्रुप के उपभोक्ता कारोबार भी इस मंदी की मार से नहीं बच सके। वेस्टसाइड और जूडियो जैसे ब्रांड चलाने वाली उनकी रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयर 29.7% गिर गए, जिससे कंपनी को करीब 74,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं, लग्जरी घड़ियां और ज्वैलरी बेचने वाली टाइटन को भी बड़ा झटका लगा। उसके शेयरों में छह महीनों में लगभग 15% की गिरावट आई, जिससे कंपनी को 47,700 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। टाटा ग्रुप के ज्यादातर शेयरों में गिरावट देखने को मिली, लेकिन होटल सेक्टर में ग्रुप की कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। ताज ब्रांड की मालिक इंडियन होटल्स के शेयर बीते 6 महीनों में 10% से ज्यादा बढ़े, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य (मार्केट कैप) 9,700 करोड़ रुपये बढ़ गया। वहीं, बनारस होटल्स के शेयरों में 46% की जबरदस्त बढ़त देखने को मिली। यह बढ़त खासतौर पर महाकुंभ के दौरान बनारस में बढ़े टूरिज्म और ट्रैवल सेक्टर की वजह से आई है।