साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ने मार्शल लॉ का किया ऐलान, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल ने मंगलवार को देश में आपातकालीन मार्शल लॉ का ऐलान किया। देश के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति यून ने इस फैसले को देश के लिए जरुरी बताया।

Update: 2024-12-03 16:17 GMT
दक्षिण कोरिया (south korea) ने मंगलवार को देश में आपातकालीन मार्शल लॉ (martial law ) के लागू करने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति यून सुक-योल (south korean president yoon suk yeol) ने विपक्षी दलों पर सरकार को पंगु बनाने, उत्तर कोरिया के प्रति सहानुभूति रखने और देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने जैसे कई आरोप लगाते हुए देश में आपातकालीन मार्शल लॉ की घोषणा की।

राष्ट्रपति यून ने राष्ट्र के नाम संबोधन में क्या कहा?

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि वह उत्तर कोरिया समर्थक ताकतों को समाप्त करेंगे और संवैधानिक लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करेंगे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया की कम्युनिस्ट ताकतों द्वारा उत्पन्न खतरों से बचाने के लिए वे देश में इमरजेंसी मार्शल लॉ की घोषणा कर रहे हैं।

यून ने विपश्क्ष पर लगाए कई गंभीर आरोप

राष्ट्रपति यून सुक-योल पहले भी विपक्षी पार्टी पर सरकार को अस्थिर करने के कई गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। यून ने आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने नशीली दवाओं के अपराधों से निपटने और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक बजट में कटौती की है। राष्ट्रपति यून का कहना है कि विपक्ष देश को नशीली दवाओं का स्वर्ग बनाना चाहता है। विपक्ष लगातार ऐसी कोशिशे कर रहा है कि देश की शांति को अराजकता में बदला जाए।

'विपक्ष देश विरोधी ताकतों के साथ'

यून ने विपक्षी सांसदों पर देश-विरोधी ताकतों का साथ देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार को उखाड़ फेंकना चाहता है। उन्होंने देश में आपातकालीन मार्शन लॉ लाने के अपने फैसले का बचाव किया। यून ने इस फैसले को देश के लिए जरुरी बताया। राष्ट्रपति यून ने कहा कि विपक्ष ने लोगों की आजीविका की परवाह किए बिना महाभियोग, विशेष जांच और अपने नेता को कानून के हाथों से बचाने के लिए शासन को पंगु बना दिया है।

विपक्ष ने पहले ही जताई थी मार्शल लॉ की आशंका

डेमोक्रेटिक पार्टी ने कुछ महीने पहले ही कहा था कि राष्ट्रपति यून देश में आपातकालीन मार्शल लॉ घोषित कर सकते हैं। विपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा था कि यून महाभियोग की कार्रवाई टालने के लिए देश में मार्शल लॉ लगाने की साजिश रच रहे हें। वहीं यून ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को मनगढ़ंत बताकर खारिज कर दिया था।

पीएम ने विपक्ष के दावों को किया था खारिज

वहीं दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री हान डक-सू ने भी विपक्ष के इन दावों को खारिज कर दिया था। हान डक-सू ने कहा था कि दक्षिण कोरियाई लोग इस तरह के कदम को स्वीकार नहीं करेंगे। वहीं यून के आपातकालीन मार्शल लॉ घोषित करने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपने विधायकों की एक आपात बैठक बुलाई।ु ये भी पढ़ेंः नेपाल को चीन से 300 मिलियन युआन की मदद, जानिए दोनों देशों के बीच की नई साझेदारियां

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