56 साल बाद गुयाना में भारतीय प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक एंट्री, मोदी का हुआ भव्य स्वागत

PM Modi Guyana Visit गुयाना में पीएम मोदी का स्वागत, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

Update: 2024-11-20 08:24 GMT
PM Modi Guyana Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गुयाना पहुंचकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह 56 वर्षों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का गुयाना की धरती पर पहला दौरा है। उन्हें गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली और कई मंत्रियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और गुयाना के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। मोदी ने गुयाना के जॉर्जटाउन हवाई अड्डे पर पहुंचते ही राष्ट्रपति अली से गले मिलकर उनका अभिवादन किया। इस दौरान उन्हें एक औपचारिक स्वागत समारोह और गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच रिश्तों को गहरा करने का अवसर बताया।

भारतीय समुदाय का सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी ने गुयाना में भारतीय समुदाय के प्रति सम्मान प्रकट करने का भी निर्णय लिया है। गुयाना में रह रहे भारतीय मूल के लगभग 3,20,000 लोग निवास करते हैं, जो लगभग 185 वर्ष पहले यहां आए थे। मोदी संसद में एक विशेष भाषण देने के साथ-साथ गुयाना की संसद में अपने विचार साझा करेंगे। इस दौरान, वह राष्ट्रपति अली के साथ बैठक करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक दिशा पर चर्चा करेंगे।

भारत-गुयाना संबंधों की मजबूती

भारत और गुयाना बहुत से क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ रहें है, जिसमें स्वास्थ्य, ऊर्जा, और रक्षा क्षेत्र मुख्यतः शामिल हैं। हाल ही में, भारत ने गुयाना को एक ओसियन फेरी और दो HAL 228 विमान भी दिए हैं। इसके अलावा, भारत ने गुयाना के 30,000 घरों में सोलर लाइट की व्यवस्था भी स्थापित की है। वही गुयाना को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी माना जा रहा है, जिससे भारत को कई क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं जो की भारत के लिए के महत्वपूर्ण होगा।

भारत-कारिकॉम शिखर सम्मेलन में भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी गुयाना में आयोजित होने वाले दूसरे भारत-कारिकॉम शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य कैरेबियन देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और स्थिर करना है। इस दौरे से पहले, मोदी ने नाइजीरिया और ब्राजील का दौरा किया था, जहां उन्होंने कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की थी। नाइजीरिया में उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान "ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर" मिला था।    

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