अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप, शपथ के बाद दिया जोरदार भाषण
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और कई बड़े फैसले लेने की बात की।
आज एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर अपने कार्यकाल की शुरुआत की है। शपथ ग्रहण समारोह वॉशिंगटन डीसी के कैपिटल हिल में हुआ, जहां जेडी वेंस ने उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। यह चुनाव डोनाल्ड ट्रंप के लिए खास था, क्योंकि उन्होंने 2025 के चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की और दूसरी बार राष्ट्रपति बनने का सपना पूरा किया।
ट्रंप इससे पहले 2017 से 2021 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके हैं, और अब दूसरी बार व्हाइट हाउस में लौटे हैं। उनकी वापसी से उनके समर्थकों में भारी उत्साह है, जबकि विरोधियों के लिए यह एक नई चुनौती साबित हो सकती है।
ट्रंप का राष्ट्रपति बनने के बाद पहला भाषण
शपथ लेने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कैपिटल हिल में अपने पहले संबोधन में कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने बाइडेन सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा कि पिछली सरकार ने देश में समस्याओं को ठीक से हैंडल नहीं किया। ट्रंप ने अपने भाषण में कहा,"आज अमेरिका के लिए आजादी का दिन है। हम अमेरिका को फिर से मजबूत बनाएंगे और किसी को भी हमारे देश में घुसने की इजाजत नहीं देंगे।"ट्रंप ने इस मौके पर अपने ऊपर हुए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन पर हमला हुआ था, जिसमें उन्हें गोली लगी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि "मेरी जान बची है, और इसका मतलब है कि मैं किसी बड़े मकसद के लिए यहां हूं।" ट्रंप के अनुसार, उनका मिशन अमेरिका को फिर से दुनिया की सबसे ताकतवर और स्वतंत्र शक्ति बनाना है।
अवैध घुसपैठ और बॉर्डर वॉल पर ट्रंप के सख्त कदम
ट्रंप ने अपने भाषण में एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वे अमेरिकी सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए एक बार फिर से 'नेशनल इमरजेंसी' लागू करेंगे और मैक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने का काम फिर से शुरू करेंगे। ट्रंप ने साफ तौर पर कहा,"हम अमेरिका को बचाएंगे, हम अवैध प्रवासियों को हमारे देश से बाहर निकालेंगे और हमारी सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाएंगे।"इसके अलावा, ट्रंप ने संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि वे देश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए कानून बनाएंगे। इन सभी कदमों के जरिए ट्रंप ने यह संदेश दिया कि वे अमेरिका की सुरक्षा और उसकी जनता के हितों को अपनी प्राथमिकता बनाएंगे।
ये भी पढ़ें- डोनाल्ड ट्रंप की 5 खूबियां और 5 खामियां, जानिए अमेरिका के नए राष्ट्रपति का पूरा हिसाब
अपने भाषण में ट्रंप ने यह भी कहा कि वे कभी अपने देश के संविधान और भगवान को नहीं भूलेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ताकत उसकी नींव में है, और वे इस नींव को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ट्रंप ने कहा,"हम अपनी स्वतंत्रता को किसी भी हालत में नहीं खोने देंगे और हम कभी भी अपने देश और अपने संविधान से समझौता नहीं करेंगे।"