चीन ने दिखाया अपना दम, बना डाला दुनिया का पहला छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान!

चीन ने दावा किया है कि उसने छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बना लिया है। जबकि अमेरिका अभी इस पर काम कर रहा है।

Update: 2024-12-27 03:24 GMT
China Sixth generation fighter jet: चीन अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में लगातार जुटा हुआ है। हाल ही में इंटरनेट पर चीन के नए स्टेल्थ फाइटर जेट का वीडियो सामने आया है। इसे छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान कहा जा रहा है। इस विमान को इस तरह बनाया गया है कि पारंपरिक रडार इसका पता नहीं लगा सकते। यह विमान भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं। भारत को भी अपनी सुरक्षा मजबूत करने और ऐसे खतरों से निपटने के लिए तुरंत तैयारी शुरू करनी होगी, क्योंकि भारत के पास फिलहाल स्टेल्थ फाइटर जेट नहीं हैं।

भारत के AMCA विमान को आने में लगेगा समय 

राफेल आज के दौर का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान है, जिसे 4.5 पीढ़ी का माना जाता है। भारत अब इससे भी एक कदम आगे बढ़ते हुए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने की तैयारी में जुटा है। इस दिशा में भारत सरकार की सुरक्षा पर कैबिनेट समिति ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के डिजाइन और विकास के लिए 15,000 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है।

चीन ने इस विमान का नाम 'व्हाइट इंपरर' रखा है

चीन ने एक ऐसा लड़ाकू विमान बनाया है, जिसे छठी पीढ़ी का विमान माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि अभी दुनिया के कई देशों के पास छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान नहीं हैं। इस नए विमान को लेकर ज़्यादा जानकारी फिलहाल छिपाई गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने इस विमान का नाम 'व्हाइट इंपरर' (बैदी) रखा है। बताया जा रहा है कि इसमें कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे बेहद खास बनाते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस है 'व्हाइट इंपरर'

यह विमान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस है, जो बड़े पैमाने पर डेटा का विश्लेषण करने में मदद करता है। यह इतनी तेज़ गति से उड़ सकता है कि हाइपरसोनिक मिसाइलें दागने में भी सक्षम है। इसमें नई पीढ़ी का एडवांस एवियोनिक्स सिस्टम लगाया गया है। चीन के पास वैसे भी कई स्टेल्थ लड़ाकू विमान हैं। हाल ही में यह खबर भी आई थी कि मई में उपग्रह की तस्वीरों से पता चला कि चीन ने सिक्किम में भारत की सीमा से 150 किमी से भी कम दूरी पर अपने जे-20 स्टेल्थ लड़ाकू जेट तैनात कर दिए हैं।

भारत के राफेल के सामने चीनी जे-20 कितना कारगर?

भारत ने फ्रांस से खरीदे गए 36 राफेल लड़ाकू विमानों के साथ चीनी जे-20 लड़ाकू विमानों का सामना करने की तैयारी कर ली है। शिगात्से नाम की जगह, जहां चीनी जे-20 को देखा गया है, भारत के हासीमारा से सिर्फ 290 किलोमीटर की दूरी पर है। जे-20, जिसे 'माइटी ड्रैगन' भी कहा जाता है, एक दो इंजन वाला स्टेल्थ लड़ाकू विमान है। खबर है कि चीन ने अब तक 250 से ज्यादा ऐसे स्टेल्थ लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं।   यह भी पढ़े:

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