सांसद रविशंकर प्रसाद कहा कि विधेयक मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाएगा और विधवाओं तथा समुदाय के हाशिए पर पड़े लोगों की मदद करेगा। प्रसाद ने कहा, "वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है। यह एक कानूनी या वैधानिक संस्था है... 'मुत्तवली' सिर्फ एक अधीक्षक या प्रबंधक है। संपत्ति पर उसका कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि एक बार वक्फ बन जाने के बाद संपत्ति अल्लाह के पास चली जाती है, शांति उस पर हो।
इस विधेयक की सभी सराहना करेंगे
प्रसाद ने कहा कि भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां हैं लेकिन आप ही बताएं कि वहां कितने अस्पताल, विश्वविद्यालय और प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं। क्या प्रबंधक संपत्ति का उपयोग उसी तरह कर रहा है जिस तरह से इसे समर्पित करने वाला व्यक्ति चाहता था या वह अपनी जेबें भर रहा है? यही सवाल है और इस पर एक नाटक रचा जा रहा है... मैं आपको बता दूं कि मेरे राज्य और पूरे देश के लोग (इस विधेयक) की सराहना करेंगे।
सबकुछ होगा ऑनलाइन , कुछ छुपाया नहीं जाएगा
पारदर्शिता को लेकर उन्होंने कहा कि सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध होगा, डिजिटलीकरण होगा, आप देख सकते हैं कि कौन सी संपत्ति कहां है, मुत्तवली कौन है, वाकिफ (संपत्ति समर्पित करने वाला व्यक्ति) की मंशा के अनुसार विशेष संपत्ति का क्या उपयोग किया जा रहा है। इसलिए, अब ये सभी चीजें बहुत पारदर्शी हैं। पूर्व कानून मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की राजनीति में कायापलट' हुआ है। भारत बदल गया है। और मैं कहूंगा कि अल्पसंख्यक समुदाय के युवा और विचारशील समुदाय भी बदल गए हैं... और कुछ लोग 1990 और 1980 के दशक के तर्क से उस बदलाव को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं।
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