सीएम योगी आदित्यनाथ: 22 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर, तब भावुक हो गए थे पिता...
पौड़ी गढ़वाल जिले के एक छोटे से गांव पंचूर की इन दिनों काफी चर्चा हो रही हैं। क्योंकि इस छोटे से गांव का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दौरा किया हैं।
CM Yogi village: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक छोटे से गांव पंचूर की इन दिनों काफी चर्चा हो रही हैं। क्योंकि इस छोटे से गांव का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दौरा किया हैं। आपको बता दें पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव सीएम योगी आदित्यनाथ का जन्मस्थान हैं। सीएम योगी अपने गांव की गलियों में सैर के लिए निकले। इस दौरान उन्होंने स्थानीय बच्चों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
सीएम योगी आदित्यनाथ की जन्मभूमि 'पंचूर' गांव
पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर प्रखंड के पंचूर गांव में पांच जून वर्ष 1972 को जन्मे अजय मोहन सिंह बिष्ट वर्ष 1993 में संन्यास धारण कर योगी आदित्यनाथ बने। अजय सिंह बिष्ट का पालन-पोषण पहाड़ी संस्कृति की सादगी और सख्त अनुशासन में हुआ। अपनी पढ़ाई के दौरान, उन्होंने आध्यात्मिकता और समाज सेवा में गहरी रुचि विकसित की। पारिवारिक मूल्यों ने उनके व्यक्तित्व में मजबूती के बीज बोए।
22 साल की उम्र में सांसारिक जीवन का किया त्याग
जहां युवा लोग अपना करियर बनाने में व्यस्त रहते हैं, वहीं महज 22 साल की उम्र में अजय सिंह ने सांसारिक सुख-सुविधाओं को त्यागने का कठिन निर्णय लिया। उन्होंने अपना घर, परिवार और गांव छोड़कर गोरखपुर आकर गोरखनाथ मठ में प्रवेश किया। फरवरी 1994 में महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा लेने के बाद, वे 'योगी आदित्यनाथ' के नाम से प्रसिद्ध हुए।
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अपने संकल्प पर अडिग रहे योगी आदित्यनाथ
अपने बेटे को संन्यासी बनते देखना एक पिता के लिए भावनात्मक रूप से कठिन था। लगभग 24 साल पहले, उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट उन्हें घर वापस लाने के लिए गोरखपुर गए थे, लेकिन योगी अपने संकल्प पर अडिग रहे। पिता खाली हाथ लौट आए। लेकिन मां का प्यार हमेशा अपने बेटे की सफलता और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता था।
योगी सीएम बने तो गांव में दिवाली जैसा माहौल बना
योगी आदित्यनाथ ने अपनी तपस्या और सेवा कार्यों के कारण राजनीति में सक्रियता दिखाई। जब वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तो उनके पैतृक गांव पंचूर में दिवाली जैसा माहौल बन गया था। ढोल-नगाड़े बजे, मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने गर्व के साथ कहा “हमारा बेटा आज पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहा है।”