सड़क पर नमाज, काली पट्टी और फूलों की बारिश: रमजान के आखिरी जुमे पर क्यों गरमाई राजनीति?
वक्फ बिल का विरोध, सड़क पर नमाज पर रोक और नमाजियों पर फूल बरसाने की माँग—रमजान के अंतिम जुमे पर सियासी हलचल तेज। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
नई दिल्ली: रमजान का पवित्र महीना अपने अंतिम पड़ाव पर है और आज अलविदा जुमे की नमाज के साथ यह और खास हो गया है। लेकिन इस बार ईद से पहले नमाज का तरीका, जगह और इससे जुड़े मुद्दे राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। सड़क पर नमाज पर रोक से लेकर वक्फ बिल के खिलाफ काली पट्टी और नमाजियों पर फूल बरसाने की मांग तक—हर तरफ बहस छिड़ी है। नेताओं की बयानबाजी और धार्मिक संगठनों की अपील ने इसे और तूल दे दिया है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं। इसके जवाब में AIMIM के दिल्ली अध्यक्ष शोएब जमई ने कहा कि "यह संभल या मेरठ नहीं, दिल्ली है—सबकी दिल्ली। यहाँ मस्जिद में जगह कम पड़े तो सड़क, ईदगाह और छतों पर भी नमाज होगी। कांवड़ यात्रा में सड़कें घंटों बंद रहती हैं, तो नमाज के 15 मिनट क्यों नहीं?" दिल्ली में बीजेपी विधायक करनैल सिंह और मोहन सिंह बिष्ट ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सड़क पर नमाज पर रोक की माँग की है, जिसे AAP ने "धर्म की राजनीति" करार दिया।
वक्फ बिल को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे अलविदा जुमे की नमाज के दौरान दाहिने हाथ पर काली पट्टी बाँधकर विरोध जताएँ। AIMPLB के महासचिव मौलाना मोहम्मद फजलुर रहीम मुजद्दिदी ने एक वीडियो संदेश में कहा, "यह विधेयक मुस्लिम अधिकारों पर हमला है। हमारा प्रदर्शन जारी है, और जुमातुल विदा इसका हिस्सा है।" यह बयान संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट के बाद आया है, जो 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी गई थी। विपक्ष ने इस रिपोर्ट से असहमति जताई है, और अटकलें हैं कि यह बिल मौजूदा सत्र में पेश हो सकता है। AIMPLB का यह कदम रमजान को राजनीतिक मंच बनाने के आरोपों के बीच चर्चा में है।BIG ANNOUNCEMENT ⭕ वक्फ़ संशोधन बिल के खिलाफ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा ऐलान! रमज़ान के इस आख़री जुमा, जुमातुल विदा को मुसलमान यह काम ज़रूर करें...👇🏻 This Ramazan's Jumma Tul Wida Let us Protest against Waqf Amendment Bill by this method 👇🏻#IndiaAgainstWaqfBill… pic.twitter.com/FPFC0XSZbk
— All India Muslim Personal Law Board (@AIMPLB_Official) March 27, 2025