भुज से पीएम मोदी की गर्जना: 82,950 करोड़ की सौगात, आतंकवाद और विदेशी नीति पर कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात की धरती से एक बार फिर विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा का बिगुल बजाने वाले हैं। लेकिन इस बार ये दौरा केवल योजनाओं के लोकार्पण तक सीमित नहीं है — यह एक रणनीतिक और प्रतीकात्मक मिशन है, जिसमें भारत की कूटनीतिक ताकत, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सीमाओं की सुरक्षा का संदेश गूंजेगा।
भुज से पाकिस्तान को चेतावनी, देश को भरोसा
पिछले हफ्ते जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया। अब, प्रधानमंत्री मोदी खुद पाकिस्तान बॉर्डर के पास भुज से खड़े होकर एक साफ और सख्त संदेश देने वाले हैं — "भारत अब चुप नहीं रहेगा"। गुजरात के कच्छ, पाटण और बनासकांठा जैसे सीमावर्ती जिलों में इस दौरे को लेकर खास उत्साह है क्योंकि ये क्षेत्र सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी नीति से जुड़े हुए हैं।₹82,950 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
इस दौरे में पीएम मोदी गुजरात को देने वाले हैं विकास का सबसे बड़ा तोहफा, जिसमें कई जिलों में बुनियादी ढांचे, रेलवे, ऊर्जा और नगरीय योजनाओं की घोषणाएं शामिल हैं:- दाहोद: ₹24,000 करोड़ की रेलवे और मल्टी सेक्टोरल योजनाएं
- भुज: ₹53,414 करोड़ की 33 बड़ी परियोजनाएं
- गांधीनगर: ₹5,536 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास