'खतरे में पड़ सकता है सीज़फायर, अगर... ' भारत–पाक तनाव पर अब क्या बोल गए पाकिस्तान के विदेश मंत्री?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान, सिंधु जल समझौते पर धमकी। भारत ने दो टूक कहा—आतंक और पानी साथ नहीं बह सकते।

Update: 2025-05-13 11:27 GMT
ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान को बेनकाब करते हुए आतंक का कब्रिस्तान बना दिया, मगर उसकी हेकड़ी कम नहीं हुई है। अब पाक के विदेश मंत्री इशाक डार सीजफायर को लेकर नई धमकी दे रहे हैं। दरअसल 12 मई को CNN के इंटरव्यू में डार ने उल्टा भारत पर हमला बोलते हुए कहा कि सिंधु जल समझौता न सुलझा तो सीजफायर टूट भी सकता है। जब भारत ने आदमपुर में S-400 की ताकत और PM मोदी के दौरे से पाक के झूठ बेनकाब किए, तब डार की ये बौखलाहट सामने आई है। पाकिस्तान अभी भी दावा कर रहा है कि पहलगाम हमले से उसका कोई लेना-देना नहीं। इधर भारत का फौलादी रुख साफ है कि आतंक और पानी साथ नहीं बहेंगे। यह भारत का करारा संदेश है कि धमकियों से नहीं डरेंगे, हर साजिश का जवाब देंगे।

"जल समझौता नहीं तो युद्ध जैसे हालात"

इंटरव्यू में इशाक डार ने कहा कि "अगर सिंधु जल समझौते को लेकर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यह युद्ध की कार्रवाई के समान होगा। इससे सीज़फायर भी खतरे में पड़ सकता है।" उन्होंने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान पर 7 मई को हमला किया, जिसके बाद पाकिस्तान के पास आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई के अलावा कोई चारा नहीं बचा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने कभी भारत पर परमाणु हमले का विचार नहीं किया।  

"सीज़फायर पर अभी बातचीत बाकी"

डार ने कहा कि भले ही दोनों देशों के बीच सीज़फायर हो गया हो, लेकिन इस मुद्दे पर पूरी बातचीत अभी नहीं हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत समझदारी से काम लेगा। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच कोई सीधा संपर्क नहीं हुआ। उनके मुताबिक, अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने उन्हें संदेश दिया था कि भारत लड़ाई रोकने के लिए तैयार है।

"पहलगाम हमले में पाकिस्तान का हाथ नहीं"

पाकिस्तानी मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने देश के शामिल होने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "हम हर तरह के आतंकवाद की निंदा करते हैं।" साथ ही, उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करते हैं।

क्या है सिंधु जल समझौता?

दरअसल सिंधु जल समझौता 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था, जिसमें छह नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर समझौता किया गया था। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत इस समझौते का उल्लंघन कर रहा है, जबकि भारत का कहना है कि वह समझौते के नियमों का पूरी तरह पालन कर रहा है। अब पाकिस्तान ने इस मुद्दे को सीज़फायर से जोड़ दिया है, जिससे तनाव और बढ़ सकता है।
यह भी पढ़ें:
ऑपरेशन सिंदूर में धड़ाधड़ गरजा रूस का S-400, अब बारी है S-500 की एंट्री की! क्या अमेरिका फिर से डालने वाला है रोड़ा? DGMO मीटिंग में भारत-पाकिस्तान ने मिलकर क्या फैसले लिए… क्या अब बॉर्डर पर बंदूकें शांत रहेंगी या फिर सब दिखावा है?

Similar News