हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election) के नतीजों ने आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस (Congress) के बीच संभावित गठबंधन पर पानी फेर दिया है। चुनाव परिणाम 8 अक्टूबर को आए, जिसमें भाजपा ने 90 में से 48 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 37 सीटें मिलीं, जबकि AAP का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। AAP को न केवल कोई सीट नहीं मिली, बल्कि पार्टी के कई उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई, जिससे उनकी हार की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
AAP के नेता अरविंद केजरीवाल ने चुनाव के बाद एक बयान में कहा कि ओवर कॉन्फिडेंस से बचना चाहिए, जो कांग्रेस के लिए एक स्पष्ट संदेश था। प्रियंका कक्कड़, AAP की प्रमुख प्रवक्ता, ने मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण उसकी अति आत्मविश्वासिता को बताया और कहा कि इसी कारण पार्टी ने समाजवादी पार्टी और AAP के साथ गठबंधन करने से मना कर दिया। कक्कड़ ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को AAP और समाजवादी पार्टी से सीटें मिली थीं, लेकिन हरियाणा में उनकी रणनीति गलत साबित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव के दौरान AAP के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
प्रियंका कक्कड़ ने स्पष्ट किया कि AAP अब अकेले ही भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ेगी। उनका मानना है कि कांग्रेस की गलतियों के कारण भाजपा को हराने का मौका खो दिया गया। उनके अनुसार, अगर कांग्रेस और AAP का गठबंधन होता, तो नतीजे कुछ और हो सकते थे।
हरियाणा में भाजपा ने 48 सीटें जीतकर फिर से सत्ता में वापसी की है, जबकि कांग्रेस को 37 और INLD को 2 सीटें मिलीं। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 3 सीटें अपने नाम की हैं। AAP का प्रदर्शन इतना खराब रहा कि उन्हें केवल 1.79 प्रतिशत वोट शेयर मिला।
यह चुनाव AAP के लिए एक बड़ा झटका था, खासकर जब से यह अरविंद केजरीवाल का गृहराज्य है। अब AAP के नेता अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार कर रहे हैं और आगामी दिल्ली चुनाव के लिए एक नई दिशा तय कर रहे हैं।
हरियाणा विधानसभा चुनाव ने AAP और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना को समाप्त कर दिया है। AAP अब अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और कांग्रेस की गलतियों से सबक लेते हुए एक नई रणनीति के तहत आगे बढ़ने की योजना बना रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP का क्या प्रदर्शन रहता है।