किसानों पर बयान देकर फंस गईं कंगना रनौत, कहा- ‘आई टेक माय वर्ड्स बैक..’
कंगना रनौत ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि वे केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता भी हैं।
बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। कंगना ने कहा कि उन्होंने किसानों से अपील की थी कि वे प्रधानमंत्री से कृषि कानून वापस लाने की मांग करें। इस बयान के बाद सियासी हलकों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई।, जिसने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। कंगना के इस बयान को लेकर बीजेपी ने तुरंत अपनी दूरी बना ली और इसे निजी विचार बताया। कंगना ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में मीडिया ने मुझसे किसान कानूनों के बारे में सवाल किए, और मैंने सुझाव दिया कि किसानों को पीएम जी से निवेदन करना चाहिए। मेरी इस बात से बहुत से लोग निराश हैं। जब यह कानून आया था, तब कई लोगों ने समर्थन किया था, लेकिन हमारे पीएम ने संवेदनशीलता से इसे वापस ले लिया। मेरे विचार मेरे खुद के नहीं होने चाहिए, मेरी पार्टी का स्टैंड होना चाहिए। अगर मैंने अपनी सोच से किसी को निराश किया है तो मुझे खेद है। मैं अपने शब्द वापस लेती हूं।”
विवाद के बाद कंगना ने लिया बयान वापस
इस बढ़ते विवाद के बीच और पार्टी से फटकार मिलने के बाद कंगना रनौत ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि वे केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता भी हैं। कंगना ने आगे कहा, "हम सभी कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात का सम्मान करें।" उनका यह बयान पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।Do listen to this, I stand with my party regarding Farmers Law. Jai Hind 🇮🇳 pic.twitter.com/wMcc88nlK2
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) September 25, 2024
क्या था मामला?
कंगना रनौत ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि , "मुझे पता है कि यह बयान विवादास्पद हो सकता है, लेकिन तीनों कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए। किसानों को खुद इसकी मांग करनी चाहिए।" उन्होंने यह भी बताया कि ये कानून किसानों के लिए फायदेमंद थे, लेकिन कुछ राज्यों में किसान समूहों के विरोध के चलते केंद्र ने इन्हें निरस्त कर दिया था। कंगना ने आगे कहा था, "किसान देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैं उनसे अपील करना चाहती हूं कि वे अपने भले के लिए इन कानूनों की वापसी की मांग करें।" पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें