राम मंदिर वाले बयान पर BJP ने राहुल गांधी को घेरा, संतों ने कहा-'माफी मांगे'
हिसार में हुई एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने इसी साल जनवरी में हुए श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तुलना नाच-गाने से कर दी, जिस पर बवाल मचा हुआ है।
Rahul Gandhi Ram Temple statement: नई दिल्ली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने राम मंदिर पर दिए बयान के कारण घिर गए हैं। हिसार में हुई एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने इसी साल जनवरी में हुए श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को नाच-गाने से तुलना दे दी। इस पर बीजेपी और संत समाज ने उन्हें घेर लिया है। बीजेपी नेता इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर हैं तो संत समाज राहुल गांधी को माफी मांगने को कह रहा है। हरियाणा में 5 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर राजनीतिक माहौल गरम है। इसी क्रम में राहुल गांधी चुनाव प्रचार के लिए हरियाणा के हिसार में रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा- 'अयोध्या में मंदिर खोला, वहां अडाणी दिखे, अंबानी दिखे, पूरा बॉलीवुड दिख गया, लेकिन एक भी गरीब किसान नहीं दिखा। सच है... इसलिए तो अवधेश ने इनको पटका है। अवधेश वहां के एमपी हैं। इसलिए तो वो जीता है। सबने देखा, आपने राम मंदिर खोला, सबसे पहले आपने राष्ट्रपति से कहा कि आप आदिवासी हो। आप अंदर आ ही नहीं सकती, अलाउ नहीं है। आपने किसी मजदूर, किसान, आदिवासी को देखा, कोई नहीं था वहां। डांस-गाना चल रहा है। प्रेस वाले हाय-हाय कर रहे हैं, सब देख रहे हैं।' राहुल गांधी के इस बयान से संत समाज नराज है। राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही भगवान राम के अस्तित्व को नकारती रही है। "जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी" पंक्ति के साथ उन्होंने कहा कि राहुल जी अगर नौटंकी बता रहे हैं तो उनकी ऐसी भावना रही होगी। उनकी दृष्टि में नौटंकी है, लेकिन भक्तों की नजर में प्राण प्रतिष्ठा हुई है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
'राष्ट्रपति को मंदिर में नहीं जाने दिया!'
26 सितंबर को हिसार में चुनावी रैली को संबोधन करते हुए राहुल ने यह भी कहा था कि राम मंदिर में माननीय राष्ट्रपति को भी नहीं जाने दिया गया। उन्हें यह कहा गया कि वे आदिवासी हैं। उन्हें अंदर आना अलाउ नहीं है।भाजपा, कांग्रेस पर हमलावर
राहुल गांधी के इस बयान पर भाजपा नेता बिफर पड़े हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने इस बयान के बाद प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी को केवल ताजमहल याद है, जिसके बनने के बाद हजारों मजदूरों के हाथ कटवा दिए गए थे। लेकिन प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में कोई श्रमिक नजर नहीं आता। उन्होंने आगे कहा कि राहुल को यह नहीं दिखा कि वहां श्रमिकों पर पुष्पवर्षा की गई। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने पर भी ऐसा ही हुआ। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस के शासन में कभी ऐसा हुआ है? बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता की नफरत भरी टिप्पणी उन्हें न केवल 'हिंदू विरोधी' बल्कि 'एक नंबर का झूठा' भी बनाती है।After Hindu Hinsak & Devta is not Bhagwan now Rahul Gandhi says Ram Mandir pious Pran Pratishta was “dance event” “naach gaana event” !
Can this be said about any other faith & their pious occasions? Rahul’s family has opposed Ram ji existence, Ram Mandir , his govt coined… pic.twitter.com/SRcj156oCm — Shehzad Jai Hind (Modi Ka Parivar) (@Shehzad_Ind) September 28, 2024
संत समाज ने की निंदा
#WATCH | Ayodhya, UP | Chief Priest of Ram Janmabhoomi, Acharya Satyendra Das says, "...In their (Congress') eyes, it is a drama but in the eyes of devotees, it was the 'Pran Pratistha' of their Lord. That's why (Lok Sabha LoP) Rahul Gandhi called it a drama and 'naach-gana'...It… pic.twitter.com/tsYpS2CSnF
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 28, 2024