अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल, कच्चे तेल की कीमत में भारी उछाल

US Iran Peace Talks: अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर अब सवालियां निशान लग चुका है। दोनों देशों की सहमति से इस युद्ध को दो हफ्तों के लिए रोका गया था। इसके बाद शांति वार्ता के के लिए पाकिस्तान की मध्यस्था हुई।

By :  Surya Soni
Update: 2026-04-13 03:29 GMT

US Iran Peace Talks: अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर अब सवालियां निशान लग चुका है। दोनों देशों की सहमति से इस युद्ध को दो हफ्तों के लिए रोका गया था। इसके बाद शांति वार्ता के के लिए पाकिस्तान की मध्यस्था हुई। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच शान्ति वार्ता कई घंटों तक चली, लेकिन शांति वार्ता विफल होने से अब ग्लोबल मार्केट में फिर से अस्थिरता नज़र आ रही है। एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर उछाल देखने को मिल रहा है।

कच्चे तेल की कीमतें 8 प्रतिशत बढ़ी

बता दें अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट हुई थी। लेकिन अब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता विफल होने के चलते कच्चे तेल की कीमतें 8 प्रतिशत बढ़ गई। फिलहाल अमेरिका में कच्चे तेल की कीमतें 8 प्रतिशत बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इससे पहले युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतें करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। जबकि दो हफ्तों के लिए युद्धविराम तक इसकी कीमत गिरकर 95 डॉलर तक पहुंच गई थी।

21 घंटे की बातचीत बेनतीजा

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में करीब 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा रही है। दोनों देश अपनी-अपनी मांग पर अड़े रहे हैं। पाकिस्तान को भी इसके साथ बड़ा झटका लगा हैं। पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच सुलह कराने का दंभ भर रहा था। इस्लामाबाद वार्ता विफल हो गई है। ईरान और अमेरिका दोनों के प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने देश वापस चले गए हैं।

ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकाबंदी

इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका की शांति वार्ता विफल होने के चलते एक बार फिर जंग के आसार नज़र आने लगे हैं। शांति वार्ता विफल होने के साथ ही अमरीका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर दी। अमेरिकी नाकाबंदी के तहत ईरानी बंदरगाहों को घेरा गया है। ऐसे में अब ईरान इसके खिलाफ कुछ एक्शन लेगा तो फिर जंग शुरू हो सकती हैं।  

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