तुर्की के जिस युद्धपोत के दम पर उछल रहा पाकिस्तान, भारत में तैनात है उसका भी 'बाप'; जानिए इस जंगी बेड़े की खासियत
तुर्की का युद्धपोत TCG Büyükada कराची पहुंचा, लेकिन INS कुठार, खंजर और विक्रांत जैसे भारतीय जहाज़ों के सामने नहीं टिकता। जानिए पूरा विश्लेषण।
पहलगाम के आतंकी हमले के बाद भारत-पाक तनाव की आग में तुर्की का युद्धपोत TCG Büyükada कराची बंदरगाह पर तैनात होकर घी डाल रहा है। पाकिस्तान इसे अपनी नौसैनिक ताकत का तमगा बता रहा है, लेकिन भारत की नौसेना के सामने यह खिलौना सा है। INS कुठार और INS खंजर जैसे युद्धपोतों की मारक क्षमता के सामने तुर्की का यह कोरवेट बौना है। भारत की नौसेना हर चुनौती के लिए तैयार है, और पाकिस्तान की हेकड़ी जल्द ही धूल चाटेगी। ख-35 यूरान मिसाइलें, AK-176 तोप, और RBU-6000 रॉकेट लांचर इनकी ताकत हैं। इनके उन्नत सोनार और टॉरपीडो सिस्टम पनडुब्बियों को पल में तबाह कर सकते हैं। 1971 के युद्ध में भारतीय नौसेना ने कराची बंदरगाह को राख किया था, और आज ये युद्धपोत उससे कई गुना ताकतवर हैं।
तुर्की-पाकिस्तान का नापाक गठजोड़
4 मई 2025 को तुर्की का TCG Büyükada, एक एडा-क्लास एंटी-सबमरीन कोरवेट, कराची बंदरगाह पहुंचा। यह युद्धपोत 7 मई तक पाकिस्तान में रहेगा और संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेगा। 99.5 मीटर लंबा यह जहाज 6,480 किमी की रेंज और 29 नॉट्स की गति के साथ हार्पून मिसाइलों, टॉरपीडो और 76 मिमी तोप से लैस है। पाकिस्तानी मीडिया इसे भारत के खिलाफ ताकत का प्रतीक बता रहा है, लेकिन यह तुर्की-पाक सैन्य गठजोड़ का हिस्सा है, जो भारत के लिए चिंता का सबब है। तुर्की पहले ही पाकिस्तान को बायरक्तर ड्रोन दे चुका है, और यह यात्रा उसी कड़ी का हिस्सा है।The Turkish Navy's Ship TCG Büyükada (F-512) Ada-class corvette docked in Karachi "for a goodwill visit," says Pakistan Navy.
TCG Büyükada, designed for anti-submarine warfare, will participate in joint naval exercises with the Pakistani Navy. pic.twitter.com/uYrVYMuNas — Paul Antonopoulos 🇬🇷🇨🇾 (@oulosP) May 4, 2025