पैर छूने से सिर्फ आशीर्वाद ही नहीं मिलता, ऊर्जा और ज्ञान का भी होता है संचार, जानें इसका महत्व
पैर छूना एक परंपरा तो है ही, लेकिन इसका हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है। आइए आपको इससे मिलने वाले लाभोंं के बारे में बताते हैं।
सनातन धर्म में पैर छूना हमेशा से एक परंपरा रही है। दरअसल, बड़ों के पैर छूना और आशीर्वाद लेना यह हमेशा से हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। हालांकि, जहां कुछ लोग इसे सिर्फ एक परंपरा मानते हैं, वहीं इसके पीछे एक बड़ा ही रोचक रहस्य भी है। जी हां, दरअसल यह ऊर्जा देने वाली आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जो आपको सकारात्मक ऊर्जा के साथ-साथ आशीर्वाद की भी प्राप्ति कराता है। पाप और अहंकार का नाश- मनुस्मृति में ऐसा कहा गया है कि अपने बड़ों और गुरु के पैर छूकर आशीर्वाद लेने से पाप तो नष्ट होते ही हैं, साथ ही जब आप विनम्रता से पैर छूते हैं, तो इससे अहंकार का भी नाश होता है। मोक्ष मार्ग की कुंजी- उपनिषदों में ऐसा कहा गया है कि जब आप समर्पित होकर चरण स्पर्श करते हैं, तो इससे गुरु तत्व से जुड़ाव होता है, जो मोक्ष का मार्ग खोलता है।