जानिए किस दिन रखा जाएगा रंभा तीज का व्रत, क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त?

इस दिन विवाहित स्त्रियों को सोलह श्रृंगार करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए।

Update: 2025-05-25 09:36 GMT
Rambha Teej 2025: हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रंभा तीज मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन अप्सरा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन विवाहित स्त्रियों को सोलह श्रृंगार करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। यह व्रत मुख्य रूप से पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली के लिए रखा जाता है। वहीं, कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं।

रंभा तीज कब है? (Rambha Teej 2025)

यह व्रत 29 मई को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से देवी लक्ष्मी, माता पार्वती और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

रंभा तीज पूजा विधि (Rambha Teej 2025 vidhi)

इस दिन (Rambha Teej 2025) ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर रंभा देवी की मूर्ति स्थापित करें। फिर भगवान गणेश का ध्यान करें और देवी रंभा के सामने घी का दीपक जलाएं। देवी रंभा को मौसमी फल और लाल फूल अर्पित करें। साथ ही, इस दिन काली चूड़ियां, पायल, आलता, इत्र और अन्य श्रृंगार की वस्तुएं भी चढ़ाएं।

रंभा तीज कथा (Rambha Teej 2025 Katha)

रंभा की कथा समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब देवता और असुर समुद्र का मंथन कर रहे थे, तब समुद्र से 14 रत्न निकले, जिनमें से एक रंभा अप्सरा भी थीं। रंभा बेहद खूबसूरत थीं और उनके नृत्य-संगीत से तीनों लोक मोहित हो गए थे। रंभा की सुंदरता के कारण देवता और असुरों ने उन्हें अपने-अपने पक्ष में करने की कोशिश की, लेकिन रंभा ने किसी को भी नहीं चुना।
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