क्या आपका बच्चा भी किडनी की बीमारी के खतरे में है? अगर बचना है तो करने होंगे ये काम
देश में किडनी डिजीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर किशोरों में। गलत लाइफस्टाइल, मोटापा और पानी की कमी बड़ी वजहें हैं। एक्सपर्ट्स ने सेहतमंद आदतों की सलाह दी।
Kidney failure causes: देश में हाल ही में किडनी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख, डॉ. हिमांशु महापात्रा ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में बताया कि चिंता की सबसे बड़ी बात यह है कि अब सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे भी किडनी की बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल के आंकड़ों के मुताबिक, देश में बच्चों और किशोरों में किडनी की परेशानी तेजी से बढ़ रही है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। डॉ. हिमांशु के मुताबिक, गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से किशोरों में किडनी की समस्याएं बढ़ रही हैं। अगर आंकड़ों को देखें, तो साल 2011 से 2017 के बीच किडनी डिजीज के मामले 11.2% बढ़े, जबकि 2018 से 2023 के बीच यह बढ़ोतरी 16.38% तक पहुंच गई। 'नेफ्रोलॉजी' में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) ग्रामीण इलाकों में ज्यादा गंभीर है, जहां 15.34% लोग इससे प्रभावित हैं। वहीं, शहरों में यह आंकड़ा 10.65% है। डॉ. हिमांशु का कहना है कि किडनी खराब होने की सबसे बड़ी वजह हमारी गलत आदतें और खराब लाइफस्टाइल है। छोटी-छोटी लापरवाहियां भी हमारी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए सेहतमंद जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है।