Janmashtami Mantra : जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार, भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है और पूरे भारत में अद्वितीय भक्ति के साथ मनाई जाती है। इस वर्ष शनिवार 16 अगस्त को जन्माष्टमी उपवास, गायन और प्रार्थनाओं के साथ मनाई जाएगी जो कृष्ण के जन्म के समय मध्यरात्रि तक जारी रहेगी। इस पावन दिन पर भगवान कृष्ण से जुड़ने का सबसे शक्तिशाली तरीका उन्हें समर्पित मंत्रों का जाप करना है। ये पवित्र ध्वनियाँ न केवल दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करती हैं, बल्कि शांति, आनंद और आध्यात्मिक उत्थान भी लाती हैं। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण मंत्र दिए गए हैं जिनका जाप आप जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।
जन्माष्टमी पर मंत्र जाप का महत्व
मंत्र केवल शब्द नहीं हैं—वे कंपन हैं जो मन और आत्मा को दिव्य ऊर्जा के साथ जोड़ते हैं। ऐसा माना जाता है कि जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के मंत्रों का जाप नकारात्मकता को दूर करता है, मनोकामनाओं की पूर्ति करता है और भक्ति को सुदृढ़ करता है। लयबद्ध दोहराव मन को शांत करता है, एकाग्रता को बढ़ाता है और भक्तों को कृष्ण की उपस्थिति का अनुभव कराता है। इस पवित्र रात में, जब ब्रह्मांडीय ऊर्जा अपने चरम पर होती है, मंत्र जाप आध्यात्मिक लाभों को बढ़ा सकता है।
जन्माष्टमी पर जपने के लिए शक्तिशाली भगवान कृष्ण मंत्र
हरे कृष्ण महामंत्र "हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे" जिसका मंत्र भगवान कृष्ण और भगवान राम का सीधा आह्वान है, जिसमें उनकी दिव्य उपस्थिति और कृपा की कामना की गई है। यह मंत्र मन और हृदय को शुद्ध करता है, पिछले कर्मों की नकारात्मकता को दूर करता है और आंतरिक शांति और दिव्य आनंद प्रदान करता है। जन्माष्टमी के दिन तुलसी की माला से 108 बार इसका जाप करना अत्यंत शुभ होता है।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जिसका अर्थ सर्वव्यापी परम पुरुष, वासुदेव के रूप में भगवान कृष्ण को प्रणाम है। यह मन्त्र आध्यात्मिक विकास को बढ़ाता है, हानिकारक और दुर्भाग्य से बचाता है, विश्वास और भक्ति को सुदृढ़ करता है और मध्यरात्रि की प्रार्थना के दौरान इस मंत्र का जाप करने से कृष्ण का सुरक्षात्मक आशीर्वाद प्राप्त होता है।
श्री कृष्ण शरणम ममः मंत्र का अर्थ "हे भगवान कृष्ण, आप मेरी शरण हैं।" ईश्वरीय इच्छा के प्रति समर्पण में सहायता करता है। यह मंत्र भय और चिंता को दूर करता है और कठिन समय में आराम पहुँचाता है। मानसिक शक्ति और भक्ति के लिए इस मंत्र का जाप पूरे दिन किया जा सकता है।
राधे कृष्ण मंत्र "राधे कृष्ण राधे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण राधे राधे" जिसका अर्थ एक भक्ति मंत्र जो राधा और कृष्ण के शाश्वत प्रेम का आह्वान करता है। यह मंत्र रिश्तों और प्रेम बंधनों को मज़बूत करता है, करुणा और सद्भाव को प्रोत्साहित करता है और दिव्य प्रेम की ऊर्जा का आह्वान करता है। जन्माष्टमी पर जोड़ों और परिवारों के लिए एक साथ जप करने के लिए बेहतरीन मंत्र है।
जन्माष्टमी 2025 पर मंत्र जाप कैसे करें?
एक पवित्र स्थान तैयार करें: भगवान कृष्ण की मूर्ति या चित्र के पास एक स्वच्छ, शांत स्थान पर बैठें।
माला का प्रयोग करें: ध्यान केंद्रित करने के लिए तुलसी की माला से 108 बार मंत्र जाप करें।
भक्ति बनाए रखें: शब्दों के अर्थ पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पूरी निष्ठा से जाप करें।
भजन के साथ: आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने के लिए मंत्रों के साथ कृष्ण भजन गाएं ।
मध्यरात्रि में जाप करें: कृष्ण जन्म का समय मंत्र जाप के लिए सबसे शुभ समय होता है।
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