भारत-पाकिस्तान में जंग के बादल: युद्ध का ऐलान कौन करता है?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान में जंग के बादल मंडरा रहे हैं। जानिए भारत में राष्ट्रपति और पाकिस्तान में संसद-पीएम कैसे करते हैं युद्ध का ऐलान।

Update: 2025-05-08 15:43 GMT
India-Pakistan Conflict: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को तबाह किया, जिसके बाद दोनों देशों में हलचल मच गई है। खबर है कि पाकिस्तान ने भारत के 15 शहरों में सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारत ने न सिर्फ इन हमलों को नाकाम किया, बल्कि पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को भी ध्वस्त कर दिया। अब दोनों देशों के बीच जंग की आशंका गहरा रही है। आइए समझते हैं कि अगर जंग छिड़ी, तो इसका ऐलान कौन करता है।

ऑपरेशन सिंदूर ने बिगाड़ा खेल

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। भारत का कहना है कि इन ठिकानों पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों का कब्जा था। लेकिन पाकिस्तान ने पलटवार की कोशिश की। उसने भारत के 15 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। जवाब में भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को ही उड़ा दिया।

LoC पर गोलाबारी, 15 नागरिकों की मौत

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान LoC पर लगातार सीजफायर तोड़ रहा है। भारी गोलाबारी में जम्मू-कश्मीर के पूंछ और तंगधार इलाकों में 15 नागरिकों की मौत हो चुकी है और 43 लोग घायल हैं। पाकिस्तान की इस हरकत ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी पोस्ट्स को भारी नुकसान पहुंचाया है।

जंग की धमकी, लेकिन ऐलान कौन करेगा?

पाकिस्तान की ओर से युद्ध की धमकियां दी जा रही हैं। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर को “कायराना” हरकत बताया और जवाब देने की बात कही। लेकिन अभी तक पाकिस्तान ने जंग का आधिकारिक ऐलान नहीं किया। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कर दिया है कि अगर पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई की, तो भारत उसका “भयंकर जवाब” देगा।

भारत में जंग का ऐलान

भारत में युद्ध की घोषणा का अधिकार राष्ट्रपति के पास है। लेकिन ये फैसला वो अकेले नहीं लेते। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कैबिनेट की सलाह पर जंग का औपचारिक ऐलान करते हैं। इस ऐलान के लिए संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं होती, लेकिन युद्ध के लिए बजट और संसाधन जुटाने के लिए संसद का साथ चाहिए। यानी, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही जंग आधिकारिक तौर पर शुरू होती है।

पाकिस्तान में जंग का फैसला

पाकिस्तान में जंग का ऐलान प्रधानमंत्री करते हैं, लेकिन इसके लिए संसद की मंजूरी जरूरी है। यानी, पाकिस्तान का पीएम अकेले जंग का फैसला नहीं ले सकता। संसद की हरी झंडी के बाद ही वो युद्ध की घोषणा कर सकता है। अभी तक पाकिस्तान की ओर से ऐसी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उससे जंग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

क्या होगी अगली चाल?

दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। पाकिस्तान की लगातार सीजफायर उल्लंघन और भारत की कड़ी जवाबी कार्रवाई ने माहौल को और गर्म कर दिया है। भारत ने साफ कर दिया है कि वो किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। लेकिन जंग का ऐलान एक बड़ा कदम है, जिसके लिए दोनों देशों में अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। अब सवाल ये है कि क्या दोनों देश बातचीत से हालात को काबू करेंगे, या फिर ये तनाव युद्ध में तब्दील हो जाएगा? ये भी पढ़ें:S-400 VS शाहीन-3: क्या पाकिस्तान की मिसाइल को धूल चटा सकता है भारत का डिफेंस सिस्टम?  

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