अवैध घुसपैठियों को मोदी सरकार निकालेगी देश से बाहर, बजट सत्र में पेश होगा यह बिल
अवैध घुसपैठ और अप्रवास पर कड़ी नजर रखने के लिए संसद के बजट सत्र में 'अप्रवास और विदेशी विधेयक 2025' को पेश किया जाएगा।
संसद के इस बजट सत्र में भाजपा सरकार एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है, जो अवैध अप्रवास (Illegal Immigration) से जुड़ा हुआ है। यह मुद्दा सरकार के प्रमुख चुनावी वादों में से एक रहा है। गुरुवार सुबह सरकार ने उन विधेयकों (Bills) की एक सूची जारी की, जिन्हें वह इस सत्र में पास करना चाहती है। इस सूची में 'अप्रवास और विदेशी विधेयक 2025' नाम का एक नया कानून भी शामिल है। यह विधेयक उन 16 महत्वपूर्ण विधेयकों में से एक है, जिन्हें सरकार पारित करना चाहती है। इनमें 'वक्फ संशोधन विधेयक 2024' भी शामिल है, जो भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियमन से जुड़ा हुआ है। अभी तक अप्रवास और विदेशी विधेयक का पूरा विवरण साफ नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह भारत में अप्रवासियों के आने-जाने को नियंत्रित करने पर आधारित होगा। यह विधेयक इस मामले में मुख्य कानून बन सकता है और पुराने कानूनों, जैसे विदेशी अधिनियम 1946, पासपोर्ट प्रवेश अधिनियम 1920 और विदेशियों के पंजीकरण अधिनियम 1939, की जगह ले सकता है। हालांकि, यह विधेयक चर्चा के लिए सूची में शामिल है, लेकिन इसे तभी पेश किया जा सकता है जब केंद्रीय मंत्रिमंडल इसे मंजूरी दे दे। अभी तक मंत्रिमंडल ने इस मसौदे की समीक्षा या मंजूरी नहीं दी है। सरकार ने बजट सत्र में चर्चा के लिए कुल 16 विधेयकों की सूची बनाई है। इस सत्र में केंद्रीय बजट 2025 पेश किया जाएगा। साथ ही, सरकार वक्फ संशोधन विधेयक पर भी चर्चा करेगी। शुक्रवार से शुरू हो रहे इस संसदीय सत्र में वक्फ (संशोधन) विधेयक और तीन नए मसौदा कानूनों पर भी बातचीत होगी। एक संसदीय समिति ने गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक की जांच की और अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी। इससे सरकार के लिए पिछले साल पेश किए गए इस विधेयक में बदलाव करने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही, मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक भी पेश किया गया है। इसके अलावा, सरकार बजट से जुड़े वित्तीय प्रस्तावों के साथ वित्त विधेयक, 2025 भी पेश करेगी। पिछले सत्रों के दस अन्य विधेयक अभी भी संसद में लंबित हैं। संसद का सत्र शुक्रवार को राष्ट्रपति के दोनों सदनों में भाषण के साथ शुरू होगा। केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा, जबकि दूसरा चरण 10 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा।