अब न्यूज़ में नहीं गूंजेगा युद्धक 'सायरन'! गृह मंत्रालय की सख्त हिदायत, जानिए चैनलों को नसीहत देते हुए क्या कहा?
भारत-पाक तनाव के बीच न्यूज़ चैनलों के सायरन और हमले जैसे साउंड इफेक्ट्स पर गृह मंत्रालय ने रोक लगाई, इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ बताया।
भारत-पाक तनाव के बीच न्यूज़ चैनलों की सनसनीखेज हरकतों पर गृह मंत्रालय ने करारा चांटा जड़ दिया है। शनिवार को केंद्र ने तमाम चैनलों को फटकार लगाते हुए सायरन बजाने पर सख्त पाबंदी लगा दी है। हवाई हमले के सायरन की नौटंकी अब नहीं चलेगी, क्योंकि यह जनता को गुमराह कर रही है। चैनलों की उत्तेजना फैलाने की सस्ती चाल ने लोगों की संवेदनशीलता को खतरे में डाल दिया है। मंत्रालय ने ठोककर कहा है कि “नागरिक सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं।” जब देश संकट से जूझ रहा है, तो चैनलों का यह तमाशा शर्मनाक है। यह भारत की इंटेलिजेंस और सरकार का फौलादी हुक्म है कि सनसनी बंद करके जिम्मेदारी निभाओ। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि सायरन का गलत इस्तेमाल जनता में भ्रम पैदा कर सकता है। चैनलों से अपील की गई कि वे लोगों को शिक्षित करने वाले कार्यक्रम चलाएं, न कि सनसनी फैलाने वाली हरकतें करें। यह आदेश तनाव के दौर में नागरिक सुरक्षा को मज़बूत करने का कदम है। कई नागरिकों और संगठनों ने इसकी शिकायत की थी। गृह मंत्रालय ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और चैनलों की इस सस्ती चाल पर लगाम कस दी। अब चैनलों को सनसनी छोड़कर ज़िम्मेदारी निभानी होगी।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी में क्या?
दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को सभी न्यूज़ चैनलों को कड़ा निर्देश जारी किया। नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 की धारा 3(1)(W)(I) का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा कि चैनल अपने कार्यक्रमों में हवाई हमले के सायरन की आवाज़ बजाने से तुरंत रुकें।Union Ministry of Home Affairs (MHA) has issued an advisory to all media channels to refrain from using Civil Defence Air Raid Sirens sounds in their programs other than community awareness drives: MHA order
— ANI (@ANI) May 10, 2025