एआई इम्पैक्ट समिट में बोले जीत अडानी, कहा- संप्रभुता को परिभाषित करेगा एआई

AI Impact Summit Jeet Adani: दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन चल रहा है। गुरुवार को इसका औपचारिक उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित किया।

By :  Surya Soni
Update: 2026-02-19 11:49 GMT

AI Impact Summit Jeet Adani: दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन चल रहा है। गुरुवार को इसका औपचारिक उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ''AI में भारत का भविष्य उज्ज्वल है। हमें एआई को खुली छूट देनी होगी, लेकिन साथ ही हमें इसकी बागडोर अपने हाथों में रखनी होगी।'' इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में अडानी समूह के जीत अडानी ने भी संबोधित किया।

‘एआई इम्पैक्ट समिट’ क्या बोले जीत अडानी...

‘एआई इम्पैक्ट समिट’ को संबोधित करते हुए जीत अडानी ने कहा कि ''जिस तरह इंटरनेट ने कॉमर्स को बदला था, वैसे ही आज एआई संप्रभुता (sovereignty) को फिर से परिभाषित करने जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के सामने सवाल यह नहीं है कि हम एआई अपनाएंगे या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि क्या भारत इंटेलिजेंस का आयात करेगा या उसे खुद बनाएगा।''

जीत अडानी ने AI के तीन मुख्य स्तंभों पर की चर्चा

1. एनर्जी सॉवरेन्टी: जीत अडानी ने एनर्जी सॉवरेन्टी का जिक्र करते हुए कहा कि ''एआई कोड में लिखा जाता है, लेकिन यह बिजली से चलता है। अगर किसी देश का एनर्जी सिस्टम कमजोर है, तो उसका इंटेलिजेंस सिस्टम भी कमजोर होगा।

2. कंप्यूट और क्लाउड सॉवरेन्टी: इसके बाद उन्होंने दूसरे स्तंभ पर चर्चा करते हुए बता कि आज के एआई युग में सॉवरेन कंप्यूट क्षमता एक रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर बन गई है। भारत को महत्वपूर्ण एआई वर्कलोड को घरेलू स्तर पर होस्ट करना चाहिए और बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर इकोसिस्टम का निर्माण करना चाहिए।

3. सर्विसेज सॉवरेन्टी: हमारा एआई सबसे पहले भारत की उत्पादकता को बढ़ाएगा। यह कृषि को बेहतर करेगा, शिक्षा को बड़े पैमाने पर पर्सनलाइज करेगा और ग्रामीण भारत में हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स का विस्तार करेगा। दूसरों के लिए ‘मार्जिन मल्टीप्लायर’ बनने से पहले, एआई को भारतीय नागरिकों के लिए ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ बनना चाहिए।

100 बिलियन डॉलर का निवेश की योजना

जीत अडानी ने यह भी घोषणा करते हुए कहा कि अदाणी समूह देश के लिए संप्रभु और हरित ऊर्जा आधारित एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म बनाने के लिए 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा। उनके अनुसार, यह केवल डेटा सेंटर विस्तार नहीं, बल्कि 5 गीगावाट क्षमता वाले और लगभग 250 अरब डॉलर के एकीकृत ऊर्जा व कंप्यूट इकोसिस्टम की दिशा में बड़ा कदम होगा, जो भारत की 'इंटेलिजेंस रिवोल्यूशन' को मजबूती देगा।

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