दिवा और जीत अडानी की शादी की पहली सालगिरह, दिव्यांग महिलाओं के लिए शुरू की बड़ी पहल
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी अपनी पत्नी दिवा ने 5 फरवरी को शादी की पहली सालगिरह मनाई।
Adani Mangal Seva: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी और दिवा ने 5 फरवरी को शादी की पहली सालगिरह मनाई। बता दें दिवा और जीत अडानी ने अपनी शादी में हर साल दिव्यांग महिलाओं की सहायता का संकल्प लिया था। इसे अदाणी मंगल सेवा का नाम दिया गया। अब शादी की पहली सालगिरह के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 500 दिव्यांग महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का वादा पूरा किया गया।
दिव्यांग महिलाओं के लिए शुरू की बड़ी पहल
गुरुवार शाम को शांतिग्राम में बेल्वेडियर क्लब का लॉन सेवा के एक अनूठे भाव का साक्षी बना। जीत अडानी ने ‘मंगल सेवा’ पहल के तहत विवाह कर रही 500 दिव्यांग महिलाओं के लिए 10-10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट देने की अडानी फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को दोहराया। जीत अडानी ने बताया कि इस वर्ष 500 नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं को 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। अदाणी मंगल सेवा की इस पहल के तहत 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग की दिव्यांग महिलाओं को सहायता प्रदान की गई।
‘मंगल सेवा’ का संकल्प
- 500 महिलाओं को मदद: इस साल 500 दिव्यांग महिलाओं को सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता पूरी की गई है।
- 10 लाख रुपये की एफडी: प्रत्येक लाभार्थी महिला को 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दी गई है।
- आर्थिक सुरक्षा: यह पहल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ साझेदारी में की गई है, जिससे महिलाओं को एक निश्चित मासिक आय मिलेगी और 10 साल बाद उन्हें मूलधन भी प्राप्त होगा।
गौतम अडानी ने जाहिर की खुशी
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि ''जीत और दिवा अपने वैवाहिक जीवन का एक वर्ष पूर्ण कर रहे हैं और इस सुखद अवसर पर उन्होंने दोनों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि ठीक एक वर्ष पहले इसी दिन जीत और दिवा ने ‘मंगल सेवा’ का संकल्प लिया था, जिसके तहत हर साल 500 नवविवाहित दिव्यांग बहनों को प्रति बहन 10 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देने का प्रण किया गया, जो आज भी उसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।
अडानी मंगल सेवा एक विश्वास है: डॉ. प्रीति अडानी
कार्यक्रम के दौरान अडानी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अडानी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा और सशक्तिकरण का सम्मान है। अडानी मंगल सेवा एक विश्वास है कि दिव्यांग होना कोई अड़चन नहीं है, बल्कि यह जीवन को एक अलग दृष्टिकोण से देखने की क्षमता है।”