छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर टूटा ऐसा कहर! तिरपाल से लिपटे...डंडे की स्ट्रेचर पर पड़े दिखाई दिए
सुकमा-दंतेवाड़ा के जंगलों में सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों को मार गिराया। जवानों ने तिरपाल में लाशें लपेटीं, कंधों पर ढोया। क्या यह नक्सलवाद के अंत की शुरुआत है?
Chhattisgarh Naxalite Encounter 2025: छत्तीसगढ़ के सुकमा और दंतेवाड़ा की घनी जंगलों में एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट गूँजी। शुक्रवार देर रात शुरू हुआ यह ऑपरेशन शनिवार सुबह खूनी खेल में बदल गया। नक्सलियों और सुरक्षाबलों की भिड़ंत में 16 नक्सली ढेर हो गए। जवान न सिर्फ जीत लेकर लौटे, बल्कि नक्सलियों की लाशों को तिरपाल में लपेटकर, बाँस के डंडों से बाँधकर कंधों पर ढोते हुए वापस आए। यह मंज़र देख हर कोई दंग रह गया। आइए, इस एनकाउंटर की पूरी कहानी को आसान शब्दों में समझें।
नक्सलियों की चाल हर चाल नाकाम
शुक्रवार की रात को केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के सैकड़ों जवान सुकमा-दंतेवाड़ा की सीमा पर बसे केरलापाल थाना इलाके में घुसे। खबर थी कि जंगल में नक्सली छिपे हैं। सुबह करीब 8 बजे, जब जवान उपमपल्ली के घने जंगल में पहुँचे, तो नक्सलियों ने घेरा तोड़ने की कोशिश में फायरिंग शुरू कर दी। लेकिन हमारे जवान तैयार थे। जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों को चारों तरफ से घेर लिया गया। घंटों चली इस मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए, जबकि DRG के दो जवान मामूली रूप से घायल हुए।#WATCH छत्तीसगढ़: सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा पर उपमपल्ली केरलापाल इलाके के जंगल में आज सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए। दो जवानों को मामूली चोटें आई हैं। pic.twitter.com/6cjO9aDyIx
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 29, 2025