बड़ा खुलासा: मोबाइल फोन, पिस्टल और दशहरा, जानें बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के पीछे की असली कहानी
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में नए खुलासे हुए हैं, जिसमें पता चला है कि हत्यारों ने 28 दिनों तक बाबा की रेकी की और दशहरे के दिन हमला किया। शूटर्स और उनके कनेक्शन का पता चला है, जिसमें लारेंस गैंग का नाम भी सामने आया है। पुलिस हत्या में इस्तेमाल हुए हथियार और शूटरों के फोन के नंबरों की जांच कर रही है।
Baba Siddiqui murder case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में हाल ही में हुए नए खुलासे ने सबको चौंका दिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बाबा के घर और ऑफिस की रेकी पिछले 28 दिनों तक की थी। सूत्रों के अनुसार, हत्यारों ने बाबा की हर गतिविधि पर नज़र रखी ताकि यह तय किया जा सके कि हमला कब किया जाएगा। पुलिस की मानें तो इस वारदात का समय दशहरे का दिन चुना गया। दिलचस्प बात यह है कि इस समय जीशान अख्तर मुंबई से बाहर था, लेकिन हत्याकांड की योजना वह वहीं से चला रहा था। यह संकेत देता है कि यह वारदात पहले से सोची-समझी थी और साजिश में काफी गहराई थी। हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए हथियार के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस ने 9MM की पिस्टल को विदेशी बताया है, जो कि पंजाब से लायी गई थी। इस हथियार का जीशान अख्तर तक पहुंचने का रास्ता पाकिस्तान या नेपाल से होने का संदेह जताया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस हत्या के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई कनेक्शन हैं।