Satish Shah Death: नहीं रहे अभिनेता सतीश शाह, 74 की उम्र में ली अंतिम सांस
उनके मैनेजर ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि उनका पार्थिव शरीर अस्पताल में ही है और उनका अंतिम संस्कार रविवार को होगा।
Satish Shah Death: दिग्गज अभिनेता सतीश शाह का आज दोपहर लगभग 2:30 बजे मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में निधन हो गया। 'साराभाई वर्सेस साराभाई', 'जाने भी दो यारो' और 'मैं हूँ ना' में अपनी भूमिकाओं के लिए लोकप्रिय 74 वर्षीय अभिनेता, किडनी संबंधी जटिलताओं से जूझ रहे थे और हाल ही में उनका ट्रांसप्लांट (Satish Shah Death) हुआ था। उनके मैनेजर ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि उनका पार्थिव शरीर अस्पताल में ही है और उनका अंतिम संस्कार (Satish Shah Death) रविवार को होगा। शाह ने 1978 में अरविंद देसाई की अजीब दास्तान से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। 1983 में आई व्यंग्य फिल्म 'जाने भी दो यारो' में नगर आयुक्त डिमेलो की भूमिका से उन्हें व्यापक रूप से प्रसिद्धि मिली। चार दशकों से अधिक के करियर में, सतीश शाह फिल्मों और टेलीविजन दोनों में अपनी यादगार भूमिकाओं के माध्यम से एक घरेलू नाम बन गए। 1983 में आई व्यंग्य फिल्म 'जाने भी दो यारो' में अपने अभिनय के लिए उन्हें एक विशेष पहचान मिली, जहाँ उन्होंने बेजोड़ कुशलता से कई किरदार निभाए। उनकी फ़िल्मों में 'हम साथ-साथ हैं', 'मैं हूँ ना', 'कल हो ना हो', 'कभी हाँ कभी ना', 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे' और 'ओम शांति ओम' जैसी लोकप्रिय हिट फ़िल्में भी शामिल हैं, जो विभिन्न शैलियों में उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती हैं। बाद में वे कई लोकप्रिय धारावाहिकों में दिखाई दिए, जिनमें "फिल्मी चक्कर" (1995) और "साराभाई वर्सेस साराभाई" (2004) शामिल हैं, जहाँ इंद्रवधन साराभाई के उनके किरदार को काफ़ी सराहना मिली। "साराभाई वर्सेस साराभाई" और "फिल्मी चक्कर" में रत्ना पाठक शाह के साथ उनकी जोड़ी को भी काफ़ी सराहा गया। अभिनय के अलावा, वे कॉमेडी-आधारित रियलिटी कार्यक्रमों से भी जुड़े रहे हैं, जिसमें "कॉमेडी सर्कस" में जज की भूमिका भी शामिल है। उनका निधन भारतीय मनोरंजन जगत के एक युग का अंत है। यह भी पढ़ें: आयुष्मान की 'थम्मा' ने किया हर्षवर्धन राणे की 'एक दीवाने की दीवानियत' से ज्यादा कलेक्शन