Sankashti Chaturthi Vrat: संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत आज, जानें अर्घ्य का शुभ समय
Sankashti Chaturthi Vrat: आज संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक पवित्र हिंदू त्योहार है, जो हर महीने कृष्ण पक्ष के चौथे दिन (चतुर्थी) को मनाया जाता है। "संकष्टी" शब्द का अर्थ है कठिनाइयों से मुक्ति, और भक्त बाधाओं को दूर करने और ज्ञान प्रदान करने के लिए गणेश (Sankashti Chaturthi) का आशीर्वाद लेने के लिए इस दिन का पालन करते हैं। व्रत (Sankashti Chaturthi Vrat) इस उत्सव का एक अभिन्न अंग है, जिसमें भक्त केवल फल, दूध या चंद्रमा को देखने के बाद एक बार भोजन करते हैं। भगवान गणेश को विशेष प्रार्थना और प्रसाद चढ़ाया जाता है, और लोगों को व्रत कथा सुनाई जाती हैं। सबसे महत्वपूर्ण संकष्टी माघ महीने में आती है, जिसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के रूप में जाना जाता है।
नैवेद्य सामग्री, तिल, ईख, शकरकंद, अमरूद, गुड तथा घी से चन्दमा एवं गणेश जी को भोग लगाया जाता है। यह नैवेद्य रात्रि भर डलिया इत्यादि से ढंककर यथावत रख दिया जाता है, जिसे पहार कहते है। पुत्रवती मातायें पुत्र तथा पति की सुख समृद्धि के लिए यह व्रत (Sankashti Chaturthi Vrat) रहती हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उस ढंके हुए पहार को पुत्र ही खोलता है तथा भाई-बन्धुओं में वितरित करना चाहिए, जिससे आपस में प्रेम भावना स्थापित होता है। यह भी पढ़े: Aghori In Maha Kumbh: कौन होते हैं अघोरी, क्यों रहते हैं ये शमशान में, नागा साधुओं से कैसे हैं ये अलग? जानिए सबकुछ