तारिक रहमान: 18 साल देश से रहे बाहर, अब बांग्लादेश चुनाव में दर्ज की बंपर जीत

Bangladesh politics: बांग्लादेश की राजनीति में एक नाम पिछले 18 सालों से नदारद था, लेकिन जैसे ही शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हुआ तो तारिक रहमान अपने देश वापस लौटते है।

By :  Surya Soni
Update: 2026-02-14 02:26 GMT

Bangladesh politics: बांग्लादेश की राजनीति में एक नाम पिछले 18 सालों से नदारद था, लेकिन जैसे ही शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हुआ तो तारिक रहमान अपने देश वापस लौटते है। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि तारिक रहमान की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) जो पिछले 20 साल से हाशिए पर पहुंच गई वो सत्ता में वापसी करेगी। लेकिन ऐसा ही बड़ा खेला बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में देखने को मिला।

बांग्लादेश चुनाव में BNP दर्ज की बंपर जीत

बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार चली गई। बढ़ते जन-आक्रोश के चलते पूर्व पीएम शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा। उसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने करीब 18 महीने बागडोर संभाली। लेकिन इस बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के लिए दिवंगत खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने कमान संभाल ली। बांग्लादेश की जनता ने एक बार फिर 20 साल बाद BNP को बंपर जीत की सौगात दी।

2008 में देश छोड़ दिया

बता दें जियाउर रहमान और खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान अब बांग्लादेश के सबसे बड़े नेता के तौर पर उभरे हैं। एक समय था जब उनको साल 2007 में भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उनको जेल से रिहाई मिली वो भी राजनीति में वापसी नहीं करने की शर्त पर.. फिर वो साल 2008 में इलाज के लिए लंदन चले गए। लेकिन इसके बाद करीब 18 साल तक उन्होंने वापस बांग्लादेश में वापसी नहीं की।

सामने थी काफी चुनौतियां..

हाल ही में शेख हसीना सरकार के खिलाफ जिस तरह से आंदोलन छेड़ा गया और बांग्लादेश के हालात काफी बिगड़ गए तो उन्होंने अपने देश लौटने का फैसला किया। लेकिन उनके सामने काफी चुनौतियां थी, उनकी पार्टी पिछले 20 साल से सत्ता से दूर हाशिये पर चली गई। लेकिन उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया और बांग्लादेश की जनता ने भी उनकी पार्टी के समर्थन में जमकर वोटिंग की। अब वो अगले कुछ दिनों में बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं।    

Tags:    

Similar News