Operation Al Aqsa : हमास ने इजरायरल के खिलाफ आखिर क्यों चलाया ऑपरेशन अल अक्सा, मस्जिद ले जुड़ा है मामला...
Operation Al Aqsa : इजरायल और आतंकी संगठन हमास के बीच जंग जारी है। इस युद्ध में अब तक सैकड़ो लोग अपनी जान गवां चुके है। जहां एक ओर इंग्लैंड, अमेरिका और भारत ने इजरायल को सही ठहराया है। वहीं दूसरी ओर 22 अरब देशों ने इस जंग का जिम्मेदार इजरायल को ठहराया है, इसके साथ ही अरब देशों ने हमास और फिलिस्तीन का समर्थन किया है। आज हम आपको बताने जा रहे है हमास ने इजरायल के खिलाफ किए गए हमले को ऑपरेशन अल अक्सा (Operation Al Aqsa ) ही क्यों नाम दिया है।
ऑपरेशन अल अक्सा ही क्यों...
- 1967 में अल अक्सा परिसर के मुद्दे पर इजरायल औऱ जॉर्डन के बीच समझौता हुआ था।
- जॉर्डन के वक्फ बोर्ड को परिसर के अंदर मैनेजमेंट यानी प्रबंधन की जिम्मेदारी मिली थी।
- इजरायल को मस्जिद (Operation Al Aqsa ) परिसर के हिफाजत की जिम्मेदारी मिली।
- गैर मुसलमानों को इस परिसर के यात्रा का अधिकार तो मिला लेकिन पूजा की इजाजत नहीं मिली।
- टेंपल माउंट के संबंध में एक इंस्टीट्यूट बना जिसने इजरायली लोगों को परिसर के अंदर जाने पर लगी रोक हटाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
- बताया जाता है कि इस इंस्टीट्यूट ने तीसरा यहुदी मंदिर बनाने की इरादा जब सामने आया तो विवाद बढ़ने लगा।
- अल जजीरा के मुताबिक इस तरह से समूहों को इजरायल सरकार की तरफ से मदद मिलती है लेकिन सरकार इसका खंडन करती है।
- अल जजीरा के मुताबिक मस्जिद परिसर में यहुदी लोगों के ना जाने पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी लेकिन जमीनी हकीकत अलग थी।
- इस तरह की परिस्थिति में फिलिस्तीनी लोगों को लगा कि एक ना एक दिन अल अक्सा हाथ से निकल जाएगा। इसे देख आतंकी संगठन हमास ने हमला करने का फैसला किया।
- अल जजीरा के मुताबिक अब जो तस्वीरें आ रही हैं उसके लिए पूरी तरह से इजरायल ही जिम्मेदार है क्योंकि टेंपल इंस्टीट्यूट ने जिस तरह से यहुदी मंदिर बनाए जाने की बात कही है वो इजरायली वादे के उलट है।