पीएम मोदी ने गुवाहाटी टर्मिनल का उद्घाटन किया, Adani ने नॉर्थ-ईस्ट कनेक्टिविटी में स्थापित किया नया मानक
गुवाहाटी, 20 फरवरी 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Lokapriya Gopinath Bordoloi International Airport) पर नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट एक दुर्लभ और तेज़ रफ्तार यात्रा का उदाहरण है। कांसेप्ट से लेकर ऑपरेशन तक इसे तैयार करने में एक साल से भी कम समय लगा। टर्मिनल के ऑपरेशनल रेडीनेस पर सख़्त और योजनाबद्ध तरीके से ध्यान दिया गया। इस टर्मिनल का डिज़ाइन प्रधानमंत्री द्वारा एडवांटेज असम 2.0 के दौरान प्रस्तुत किया गया था। आज इसका उद्घाटन और फरवरी के आखिर तक इसके ऑपरेशन की तैयारी इस बात को रेखांकित करती है कि भारत में अब एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर कितनी तेज़ी से ज़मीन पर उतारा जा रहा है। जर्मनी (Germany) के म्यूनिख से आए एक्सपर्ट की टीम के सहयोग से ऑपरेशनल रेडीनेस और एयरपोर्ट ट्रांसफर प्रोग्राम ने यह सुनिश्चित किया है कि सिस्टम, प्रोसेस, स्टाफ और पैसेंजर फ्लो पहले दिन से ही सुरक्षित और सटीक रूप से काम करे।
क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा यह आधुनिक टर्मिनल “द बैंबू ऑर्किड्स” असम के प्रसिद्ध कोपौ फूल (फॉक्सटेल ऑर्किड) और पूर्वोत्तर की स्थानीय बांस प्रजातियों से प्रेरित है। इसमें असम के भोलुका बांस और अरुणाचल प्रदेश के अपातानी बांस का उपयोग किया गया है। प्राकृतिक सामग्री, भरपूर प्राकृतिक रोशनी और आधुनिक वास्तुकला के संगम के साथ यह टर्मिनल पूर्वोत्तर की पर्यावरणीय और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है। लगभग 140 मीट्रिक टन स्थानीय बांस के उपयोग के साथ यह देश के सबसे प्रमुख प्रकृति-प्रेरित एयरपोर्ट डिज़ाइनों में शामिल है, जहाँ पारंपरिक शिल्प को आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ नए रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इस प्रोजेक्ट का डेवलपमेंट गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (Guwahati International Airport Limited) द्वारा किया गया है, जबकि इसका संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) कर रही है। यह टर्मिनल अदाणी समूह (Adani Group) की इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग कैपेबिलिटी को दिखाता है जहाँ डिज़ाइन, मज़बूत इंजीनियरिंग, ओआरएटी के आधार पर तैयारी और समयबद्ध निष्पादन को एक साथ साधा गया है। उद्घाटन को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में रखते हुए प्रधानमंत्री ने इसे असम और पूरे पूर्वोत्तर में चल रहे “विकास का उत्सव” का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि एक्ट ईस्ट नीति के तहत असम भारत के पूर्वी प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है। बांस से सजा यह टर्मिनल मजबूती, सतत विकास और विकसित भारत के निर्माण में असम की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है, ऐसे समय में जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी (Gautam Adani) ने कहा, “गुवाहाटी टर्मिनल यह दिखाता है कि कैसे स्थानीय पहचान से गहराई से जुड़े रहते हुए वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से तैयार किया जा सकता है। यह पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी को मज़बूत करेगा, आर्थिक विकास को तेज करेगा और यात्रियों को आधुनिक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा।”
डिजी यात्रा आधारित प्रक्रियाओं, स्मार्ट चेक-इन सिस्टम और विशाल यात्री क्षेत्रों से सुसज्जित यह टर्मिनल साल 2032 तक 1.31 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। वित्त वर्ष 2024-25 में गुवाहाटी हवाई अड्डे ने 65 लाख यात्रियों का ट्रैफिक दर्ज किया है, जो क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ती एविएशन मांग को दर्शाता है। वर्तमान में गुवाहाटी देश का 10वां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है और पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण हब की भूमिका निभाता है।
पूरे हवाई अड्डा विकास पर कुल ₹5,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिसमें से ₹1,000 करोड़ मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल सुविधाओं के लिए निर्धारित हैं। प्रस्तावित इंटीग्रेटेड डोमेस्टिक और इंटरनेशनल कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर से बिजनेस, लॉजिस्टिक्स और रोज़गार पैदा करने में मजबूती मिलेगी। गुवाहाटी का यह पड़ाव अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के नेतृत्व में देशभर में चल रहे एविएशन एक्स पैशन का हिस्सा है। इसी क्रम में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का ऑपरेशन 25 दिसंबर से शुरू होने वाला है, जो भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। भारत के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर लैंडस्केप को दर्शाता हैं जहाँ स्पीड, स्केल और ऑपरेशनल रेडिनेस और डिज़ाइन मिलकर भविष्य में विकास के लिए नए सशक्त प्रवेश द्वार को तैयार कर रहा है।
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