शाहजहांपुर की अनोखी लव स्टोरी! जेंडर बदलवाने वाले शरद बने पिता, पत्नी सविता ने दिया बेटे को जन्म
Uttar pradesh News: क्या कोई इंसान जेंडर बदलकर पिता बन सकता है... क्या विज्ञान इतना आगे बढ़ चुका है कि असंभव भी संभव लगने लगे ...क्या समाज ऐसे बदलावों को सहजता से स्वीकार कर सकता है... इन सवालों के जवाब आपको उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की इस अनोखी कहानी में मिलेंगे...जो हैरान भी करेगी और चेहरे पर मुस्कान भी ले आएगी । सरिता... जो बेटी के रूप में जन्मी थी... विज्ञान की मदद से पुरुष बनी और शरद सिंह के रूप में अपनी पहचान बनाई । (Uttar pradesh News) उन्होंने अपने करीबी मित्र सविता से शादी की और अब उनकी जिंदगी में एक बड़ी खुशी आ गई...वह अब पिता बन गए़ ! यह कहानी सिर्फ लिंग परिवर्तन की नहीं बल्कि हिम्मत, प्यार और समाज की बदलती सोच की भी है। आईए जानते हैं कि कैसे सरिता से शरद बनने की है यात्रा पूरी हुई और कैसे उनके घर में किलकारी गूंज उठी! 27 जून 2023 को तत्कालीन डीएम उमेश प्रताप सिंह ने उन्हें लिंग परिवर्तन का प्रमाणपत्र दिया। इसके बाद उन्हें शरद रोशन सिंह के नाम से नई पहचान मिली। 23 नवंबर 2023 को पीलीभीत निवासी महिला मित्र सविता से उन्होंने विवाह कर लिया था। बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सविता को जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम पांच बजे उन्होंने बेटे को जनम दिया। शरद ने बताया कि जिन परिस्थितियों से निकलकर पिता बनने का सुख मिला है, वह जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। शरद का घर नवादा दरोवस्त गांव में है। वह सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापक हैं। बरेली के वरिष्ठ फिजीशियन डा. सुदीप सरन के अनुसार यदि किसी में महिला एवं पुरुष दोनों के लक्षण हों तो ऐसी सर्जरी कराई जा सकती है। उसमें इच्छानुसार, महिला संबंधी अंग शरीर से हटा दिए जाते हैं। हार्मोंस आदि देकर पुरुषों के लक्षण बढ़ाए जाते हैं, जोकि संतान उत्पत्ति भी कर सकते हैं। वक्फ संशोधन विधेयक पर मोदी सरकार को मिला सूफी नेता चिश्ती का सपोर्ट, बताया सराहनीय कदम शादी का झांसा देकर यौन संबंध? सुप्रीम कोर्ट ने कहा…इतनी भोली होती तो हमारे सामने नहीं आती!