पंजाब सरकार का बड़ा एक्शन, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू करवाने वाले DSP गुरशेर सिंह संधू बर्खास्त

SIT ने अपनी जांच में बताया कि पंजाब पुलिस सेवा के अधिकारी गुरशेर सिंह संधू ने पुलिस हिरासत में रहते हुए लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू रिकॉर्ड करने में एक टीवी चैनल की मदद की थी।

Update: 2025-01-03 08:52 GMT
पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू करवाने के आरोपी DSP रैंक के अधिकारी गुरशेर सिंह संधू को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। बता दें कि यह आदेश पंजाब के गृह विभाग के सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह ने दिया है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार ने आरोपी डीएसपी संधू को बर्खास्त करने का आदेश अनुच्छेद-311 के तहत लिया है। अनुच्छेद-311 के मुताबिक, राज्य सरकार हो ऐसे निर्णय लेने की शक्तियां हासिल हैं।

DSP पर लगा इंटरव्यू कराने में मदद का आरोप

राज्य सरकार द्वारा जारी बर्खास्तगी के आदेश के मुताबिक, SIT ने अपनी जांच में बताया कि पंजाब पुलिस सेवा के अधिकारी DSP गुरशेर सिंह संधू ने पुलिस हिरासत में रहते हुए लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू रिकॉर्ड करने में एक टीवी चैनल की मदद की थी। इस मामले को लेकर SIT ने पिछले साल हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट भी सौंपी थी। रिपोर्ट में बताया गया कि अपराध और अपराधियों का महिमामंडन करने वाला ये साक्षात्कार उस समय लिया गया, जब अपाराधी दो साल पहले मोहाली के खरड़ जेल में पंजाब पुलिस की हिरासत में था।

7 पुलिस अधिकारी पहले ही निलंबित

लारेंस बिश्नोई का इंटरव्यू सामने आने के बाद पिछले साल अक्टूबर में पंजाब पुलिस के सात अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया था।

न्यूज चैनल ने प्रसारित किए थे बिन्नोई के इंटरव्यू

बता दें कि मार्च 2023 में पंजाब की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का एक निजी न्यूज चैनल ने दो इंटरव्यू प्रसारित किया था। इंटरव्यू सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था कि कैसे जेल में बंद अपराधी का साक्षात्कार लिया जा सकता है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इसे लेकर SIT का गठन किया था।

पंजाब सरकार ने क्या कहा

इस मामले में पंजाब सरकार का कहना है कि संधू ने लॉरेंस की हिरासत के दौरान कदाचार और कर्तव्य के प्रति लापरवाही की है। जिसकी वजह से पंजाब पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचा है। वही, इस मामले में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वह इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी। गौरलतब है कि राज्य सरकार ने पिछले महीने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को बताया था कि वे साक्षात्कार के सिलसिले में DSP को पद से हटा रही है।

PPSC की मंजूरी के बाद जारी बर्खास्तगी

पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) की मंजूरी के बाद जारी बर्खास्तगी के आदेश में कहा गया है कि संधू ने अपनी ड्यूटी को ठीक से नहीं निभाया, जो अनुशासन और आचरण नियमों का उल्लंघन है। बता दें कि पीपीएस कैडर अधिकारियों के लिए नियुक्ति प्राधिकरण है। ये भी पढ़ेंः 

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