Operation Sindoor: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में आतंकवादियों ने बैसरन घास के मैदानों में 26 निहत्थे पर्यटकों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया. इस घटना ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बयानबाजी और कार्रवाइयां तेज हो गई.(
Operation Sindoor) हमले के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि आतंकियों ने पर्यटकों को घेरकर उनकी धार्मिक पहचान पूछी और फिर गोली मारी. अब हमले के इस एंगल पर राजस्थान से एक कांग्रेस का पहली बार बड़ा बयान आया है. बाड़मेर-जैसलमेर से कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पर्यटकों को धार्मिक पहचान पूछे जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
क्या बोले बेनीवाल जिससे मच गया बवाल?
12 मई 2025 को बाड़मेर-जैसलमेर से कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान पहलगाम हमले पर बयान दिया, जिसने राजस्थान में सियासी तूफान खड़ा कर दिया. बेनीवाल ने कहा, "धर्म पूछकर या जाति पूछकर गोली मारी गई है या 'मोदी को बता देना' जैसी बातें कही गईं, इसका कोई पुख्ता सबूत किसी के पास नहीं है। प्रचार-प्रसार अलग तरीके से हो रहा है, जो नहीं होना चाहिए।" उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की चूक पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि सरकार ने भी स्वीकार किया है कि खुफिया इनपुट मिलने के बावजूद सतर्कता नहीं बरती गई.
इंदिरा का जिक्र कर पीएम पर बोला हमला
बेनीवाल ने आगे कहा कि इस कायराना हमले से देश में असंतोष है और अमेरिका द्वारा सीजफायर की मध्यस्थता की पेशकश को लोगों ने पसंद नहीं किया. उन्होंने 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अमेरिका के दबाव को खारिज कर दिया था, जबकि वर्तमान स्थिति में तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार करना उचित नहीं है.
बयान पर मच गया कोहराम!
बेनीवाल के बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं आई. कई यूजर्स ने एक्स पर उनके बयान की आलोचना की, यह कहते हुए कि वे पीड़ितों के दावों को खारिज कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "पहलगाम में पीड़ितों ने जो हकीकत बताई, क्या वह झूठ है? शर्म करो!" बीजेपी नेताओं ने भी बेनीवाल के बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया और कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया. हालांकि, बेनीवाल ने यह भी कहा कि यदि धर्म के आधार पर हमला हुआ है, तो यह गलत है, लेकिन बिना सबूत के प्रचार नहीं करना चाहिए.