बिहार में BJP का मास्टरस्ट्रोक, चुनाव से पहले 7 नए मंत्री, जातियों का रखा गया खास ख्याल
बिहार चुनाव से 7 महीने पहले नीतीश कुमार सरकार में बड़ा फेरबदल हुआ है। BJP कोटे से 7 नए मंत्री बनाए गए, जिनमें 4 विधायक मिथिलांचल से हैं। NDA की 30% सीटें इसी इलाके से आती हैं, जिससे साफ है कि BJP ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
बिहार में चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट का विस्तार कर बीजेपी कोटे से 7 नए मंत्रियों को शामिल किया है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से 4 मंत्री मिथिलांचल से आते हैं, जो यह दिखाता है कि BJP इस इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। BJP का बड़ा दांव—मंत्रियों की लिस्ट में जातीय समीकरण का खेल बिहार में अक्टूबर-नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव से ठीक 7 महीने पहले नीतीश सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। इसमें BJP के 7 विधायकों को जगह दी गई है। खास बात यह है कि इस विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा गया है।
ये हैं बीजेपी कोटे से नए मंत्री:
कृष्ण कुमार मंटू (छपरा, अमनौर) विजय कुमार मंडल (अररिया, सिकटी) राजू सिंह (साहेबगंज) संजय सारावगी (दरभंगा) जीवेश मिश्रा (जाले) सुनील कुमार (बिहारशरीफ) मोती लाल प्रसाद (रीगा)मिथिलांचल को साधने की कोशिश, क्यों है ये इलाका इतना अहम?
इस विस्तार में सबसे ज्यादा ध्यान मिथिलांचल पर दिया गया है। यहां से 4 मंत्रियों को शामिल किया गया है। मिथिलांचल बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इस इलाके में NDA के करीब 30% विधायक हैं। बीजेपी की कोशिश साफ दिख रही है कि वह इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।BJP ने जातीय संतुलन भी साधा
इस मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण को भी ध्यान में रखा गया है। अति पिछड़ा वर्ग, सवर्ण और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को साधने की कोशिश की गई है। उदाहरण के लिए: विजय कुमार मंडल (केवट जाति, अति पिछड़ा वर्ग) संजय सारावगी (वैश्य समुदाय, व्यापारी वर्ग) जीवेश मिश्रा (ब्राह्मण समुदाय, मिथिलांचल) राजू सिंह (भूमिहार समुदाय, शाहाबाद क्षेत्र)Nitish Kumar expands Bihar cabinet, seven BJP MLAs take oath Read @ANI | Story https://t.co/76yFqXP4F9#NitishKumar #Bihar #BJP pic.twitter.com/SbesFUR6nL
— ANI Digital (@ani_digital) February 26, 2025