India Crude Oil Price: भारत में आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की कीमतों में पिछले 5 साल (Crude Import Price Falls in India) में सबसे बड़ी गिरावट आयी है। देश में कच्चे तेल के आयात पर वर्तमान समय में 70 डॉलर प्रति बैरल से भी कम खर्च हो रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि साल 2021 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब कच्चे तेल के आयात पर इतने कम पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। सोमवार,14 अप्रैल को बेंट क्रूड 65 डॉलर से भी नीचे चला गया। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पेट्रोल और डीजल के दाम में कम हो सकते हैं। अगर पेट्रोल-डीजल के दाम कम होते हैं तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
कम हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम!
जानकारी के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमत 5561 रुपए प्रति बैरल यानी एक लीटर कच्चे तेल की कीमत लगभग 35 रुपए तक पहुंच गई है। देश के चार महानगरों में से तीन महानगरों में पेट्रोल के दाम 100 रुपए से ज्यादा है। वहीं, डीजल की कीमत 90 रुपए से अधिक है। गौर रहे कि, पिछले दिनों केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए कहा, "तेल कंपनियों के पास 45 दिनों का स्टॉक है, जिसकी कीमत 75 डॉलर प्रति बैरल है। ऑयल कंपनियां फ्यूल की कीमतों में कटौती कर सकती हैं।" यही वजह है कि यह संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो सकते हैं। [caption id="attachment_82033" data-align="alignnone" data-width="1200"]
India Crude Oil Price[/caption]
69.39 डॉलर प्रति बैरल कच्चा तेल आयात
दरअसल, भारत अभी 69.39 डॉलर प्रति बैरल की लागत से कच्चा तेल आयात कर रहा है। पिछले साल अप्रैल में 89.44 डॉलर प्रति बैरल से 22 फीसदी से ज्यादा की गिरावट है। वैश्विक बाजार कच्चे तेल की कीमतों में और अधिक गिरावट (India Crude Oil Price) आने की संभावना है। क्योंकि टैरिफ वॉर के बढ़ते जोखिम के बीच वैश्विक विकास की उम्मीद कम है, ऐसे में मांग में और कमी आ संभावना है। [caption id="attachment_82034" data-align="alignnone" data-width="1200"]
Petrol Diesel Price[/caption]
63 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्डमैन सैक्स ने बताया 2025 के शेष महीनों में कच्चे तेल की कीमत (Crude oil price fall) घटकर 63 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना है। खाड़ी देशों के संगठन (OPEC) ने अगले साल तक वैश्विक तेल के अनुमानों में कटौती का अनुमान लगाया है।
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