सरकार ने पेश किया नया Immigration Bill, अवैध प्रवासियों पर होगी सख्ती, जानिए क्या होंगे कड़े प्रावधान?
केंद्र सरकार ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 लोकसभा में पेश किया, जिसमें अवैध प्रवेश, जाली दस्तावेज और वीजा उल्लंघन पर कड़े दंड का प्रावधान है।
केंद्र सरकार ने मंगलवार को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 को लोकसभा में पेश किया। इस बिल के तहत, अगर कोई व्यक्ति गैरकानूनी तरीके से किसी विदेशी को भारत लाता है, उसे यहां ठहराता या बसाता है, तो उसे 3 साल की जेल या 3 लाख रुपये जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि यह बिल किसी को रोकने के लिए नहीं, बल्कि भारत आने वाले लोगों को देश के कानूनों का पालन करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से लाया गया है। इस बिल की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि यह पुराने चार अलग-अलग कानूनों को हटाकर एक नया और व्यापक कानून बनाएगा। इनमें से दो कानून तो प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के समय लाए गए थे। नया बिल इन सभी कानूनों को एक साथ जोड़कर लाने की कोशिश है, जिससे संबंधित एजेंसियों और संस्थानों को और मजबूत बनाया जा सके। इससे इन एजेंसियों को बेहतर तरीके से काम करने का मौका मिलेगा।
खत्म हो जाएंगे ये पुराने 4 कानून
अगर यह बिल कानून बन जाता है, तो चार पुराने कानून खत्म हो जाएंगे – फॉरेनर्स एक्ट 1946, पासपोर्ट एक्ट 1920, रजिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेनर्स एक्ट 1939 और इमिग्रेशन एक्ट 2000। यह कानून सरकार को यह अधिकार देगा कि अगर किसी विदेशी नागरिक से राष्ट्रीय सुरक्षा या संप्रभुता को खतरा महसूस हो, तो उसे भारत में आने या रहने से रोका जा सके। इसके अलावा, अगर किसी देश के साथ भारत के रिश्ते को नुकसान पहुंचने की आशंका हो, तो भी उस देश के नागरिक के प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है। इस नए कानून में यह प्रावधान होगा कि आव्रजन अधिकारी का फैसला अंतिम और बाध्यकारी होगा। पहले भी सरकार विदेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश से रोक सकती थी, लेकिन किसी कानून में इसे साफ तौर पर नहीं लिखा गया था।क्या है इस बिल की प्रमुख बातें?
- अगर कोई बिना पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के भारत में प्रवेश करता है, तो उसे पांच साल तक की जेल या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
- अगर कोई जाली पासपोर्ट या धोखाधड़ी से लिए गए यात्रा दस्तावेज का इस्तेमाल करता है या इसे दूसरों को देता है, तो उसे दो साल की जेल हो सकती है, जिसे सात साल तक बढ़ाया जा सकता है।
- इस विधेयक में कम से कम 1 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव हो सकता है।
- अगर कोई वीजा अवधि से ज्यादा रुकता है, तो उसे तीन साल तक की जेल और 3 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।