Beauty Tips: पार्लर में हमेशा फेशियल कराने की है आदत तो जान लीजिए इसके साइड इफेक्ट्स

त्वचा विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अत्यधिक या नियमित फेशियल वास्तव में त्वचा को बेहतर बनाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि कभी-कभार फेशियल करवाना फायदेमंद हो सकता है

Update: 2026-02-06 14:39 GMT

Beauty Tips: आजकल कई लोगों के लिए फेशियल ब्यूटी केयर का एक नियमित हिस्सा बन गया है। चाहे वो चमकदार त्वचा हो, मुहांसों से मुक्त चेहरा हो, या किसी समारोह से पहले तुरंत चमक पाना हो, पार्लर फेशियल को अक्सर एक त्वरित समाधान के रूप में देखा जाता है। कई लोगों का मानना ​​है कि जितनी बार फेशियल करवाएंगे, त्वचा उतनी ही बेहतर दिखेगी।

हालांकि, त्वचा विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अत्यधिक या नियमित फेशियल वास्तव में त्वचा को बेहतर बनाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि कभी-कभार फेशियल करवाना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन अपनी त्वचा के प्रकार और उत्पाद में मौजूद तत्वों को समझे बिना इसे आदत बना लेने से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

आइए समझते हैं कि बार-बार फेशियल करवाने से क्या होता है और स्वस्थ त्वचा के लिए संयम क्यों जरूरी है।


त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षात्मक परत को नुकसान

त्वचा में एक प्राकृतिक सुरक्षात्मक परत होती है जो नमी को अंदर बनाए रखती है और हानिकारक बैक्टीरिया को बाहर रखती है। बार-बार फेशियल करवाने में अत्यधिक सफाई, स्टीमिंग और एक्सफोलिएशन शामिल हैं। ये प्रक्रियाएं त्वचा के प्राकृतिक तेलों को हटा सकती हैं, जिससे त्वचा की सुरक्षात्मक परत कमजोर हो जाती है।

जिसके कारण सूखापन, संवेदनशीलता और संक्रमण का खतरा बढ़ना हो सकता है। साथ ही त्वचा की सुरक्षात्मक परत क्षतिग्रस्त हो जाने पर, त्वचा में जलन और फुंसी होने की संभावना बढ़ जाती है।

त्वचा की संवेदनशीलता में वृद्धि

कई पार्लर फेशियल में तेज़ रासायनिक उत्पादों का उपयोग किया जाता है जिनमें कृत्रिम सुगंध, अम्ल और प्रिजर्वेटिव शामिल हैं। इसका बार-बार इस्तेमाल करने से त्वचा अत्यधिक संवेदनशील हो सकती है। इसके सामान्य लक्षणों में लालपन, जलन, खुजली और दाने बनना शामिल हैं। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसका अधिक खतरा होता है, खासकर जब फेशियल कुछ हफ्तों में एक बार कराया जाता है।

मुंहासे और दाने होने का खतरा

विडम्बना यह है कि लोग अक्सर मुंहासों के इलाज के लिए फेशियल करवाते हैं—लेकिन बार-बार फेशियल कराने से यह और बिगड़ सकता है। इसके कारण तेल ग्रंथियों का अत्यधिक उत्तेजना, कॉमेडोजेनिक उत्पादों का उपयोग और गलत तरीके से मुंहासे निकालना हैं। इससे अधिक मुंहासे, व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स और सूजे हुए मुंहासे हो सकता है। मुंहासे वाली त्वचा को कम देखभाल की आवश्यकता होती है, बार-बार फेशियल की नहीं।

त्वचा का अत्यधिक एक्सफोलिएशन

लगभग हर फेशियल में स्क्रब या केमिकल पील के ज़रिए एक्सफोलिएशन शामिल होता है।अत्यधिक एक्सफोलिएशन से त्वचा की परत पतली हो सकती है, सूक्ष्म दरारें पड़ सकती हैं और त्वचा के ठीक होने में देरी हो सकती है। अत्यधिक एक्सफोलिएशन के लक्षणों में कठोर और चमकदार त्वचा, लगातार लालिमा और धूप के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि हो सकता है। इससे त्वचा जवां दिखने के बजाय जल्दी बूढ़ी दिखने लगती है।

समय से पहले बुढ़ापा

बहुत ज़्यादा फेशियल कराने से कोलेजन का उत्पादन बाधित हो सकता है। इसमें बार-बार मालिश, त्वचा को खींचना और फैलाना हो सकता है। इसके कारण लचीलेपन में कमी, बारीक झुर्रियाँ, समय के साथ त्वचा का ढीला पड़ना, बुढ़ापे को रोकने के बजाय, अत्यधिक फेशियल इसे तेज़ कर सकते हैं।

त्वचा का पिगमेंटेशन और काले धब्बे

कठोर उत्पादों और अत्यधिक उपचार से ये मेलास्मा, हाइपरपिगमेंटेशन और त्वचा का असमान रंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह खासकर गेहूं के रंग या सांवली त्वचा वाले लोगों में आम है।


आपको कितनी बार फेशियल करवाना चाहिए?

त्वचा देखभाल विशेषज्ञों के अनुसार:

सामान्य त्वचा: हर 4-6 सप्ताह में एक बार

संवेदनशील या मुंहासे वाली त्वचा: कभी-कभार या केवल विशेषज्ञ की सलाह पर

परिपक्व त्वचा: महीने में एक बार हल्का फेशियल

घर पर की जाने वाली स्किन केयर रूटीन अधिक सुरक्षित और टिकाऊ होती है।

बार-बार फेशियल करवाने के बेहतर विकल्प

एक उचित दैनिक स्किन केयर रूटीन का पालन करें।

नियमित रूप से सनस्क्रीन का प्रयोग करें।

पर्याप्त पानी पिएं।

संतुलित आहार लें।

त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें।


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