Diwali 2025 Mantras: रोशनी का त्योहार दिवाली, हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली त्योहारों में से एक है। यह अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस त्योहार (Diwali 2025 Mantras) का मुख्य आकर्षण लक्ष्मी पूजा है, जो कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को होती है। इस वर्ष दिवाली सोमवार, 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी और दुनिया भर के भक्त धन, सौभाग्य और समृद्धि की देवी लक्ष्मी (Diwali 2025 Mantras) को अपने घरों में आमंत्रित करने के लिए अनुष्ठान करेंगे।
लक्ष्मी पूजा 2025 के लिए शुभ मुहूर्त
देवी लक्ष्मी की कृपा पाने में सही पूजा मुहूर्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे शुभ समय प्रदोष काल होता है, जो सूर्यास्त के बाद शुरू होता है और लगभग दो घंटे 24 मिनट तक रहता है। इस अवधि के दौरान, धन, समृद्धि और आध्यात्मिक उत्थान की ऊर्जा अपने चरम पर होती है, जिससे यह लक्ष्मी पूजा करने का आदर्श समय बन जाता है।
दिवाली 2025 तिथि: सोमवार, 20 अक्टूबर दिवाली पर लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:42 बजे से शाम 7:58 बजे तक (स्थान के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है) प्रदोष काल अवधि: शाम 5:40 बजे से रात 8:10 बजे तक
दिवाली पूजा विधि
भक्ति, पवित्रता और सही अनुष्ठानों के साथ लक्ष्मी पूजा करने से पूरे वर्ष दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है। दिवाली 2025 के लिए पारंपरिक लक्ष्मी पूजा विधि इस प्रकार है: - अपने घर के हर कोने, खासकर पूजा स्थल को साफ़ करें। धूप और दीप जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। - लाल या पीले कपड़े पर देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियाँ या चित्र रखें। गेंदे के फूलों, दीयों और रंगोली से सजाएँ। - बाधाओं को दूर करने और शुभता को आमंत्रित करने के लिए भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करके पूजा शुरू करें। - देवी लक्ष्मी को चावल, मिठाई, फल, पान और सिक्के चढ़ाएँ। - सही लक्ष्मी मंत्रों का जाप करने से मन शुद्ध होता है और देवी के साथ आध्यात्मिक बंधन मजबूत होता है। - “ओम जय लक्ष्मी माता” का जाप करते हुए दीपक और घंटियों के साथ लक्ष्मी आरती करें।
देवी लक्ष्मी का आह्वान करने के लिए शक्तिशाली वैदिक मंत्र
लक्ष्मी पूजा के दौरान वैदिक मंत्रों का जाप करने से शांति, समृद्धि और दिव्य कृपा प्राप्त होती है। कुछ महत्वपूर्ण मंत्र इस प्रकार हैं:
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” – धन और समृद्धि के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र।
“ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः” – देवी लक्ष्मी के सभी रूपों का आशीर्वाद प्राप्त करता है।
“या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता” – सभी प्राणियों में समृद्धि के रूप में निवास करने वाली देवी का सम्मान करता है।
“श्री महालक्ष्मी अष्टक स्तोत्र”– एक वैदिक स्तोत्र जो धन और सद्भाव की ऊर्जा को बढ़ाता है। दीप जलाते हुए और देवी को कमल के फूल चढ़ाते हुए इन मंत्रों का श्रद्धा और भक्ति के साथ जाप करें।
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का महत्व
ऐसा माना जाता है कि दिवाली की रात देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और शुद्ध, प्रकाशित और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर घरों को आशीर्वाद देती हैं। अपने घर को दीयों से रोशन रखना, परिवार में शांति बनाए रखना और कृतज्ञता प्रकट करना उनकी दिव्य उपस्थिति को आमंत्रित करता है। ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान विष्णु देवी लक्ष्मी के साथ रहते हैं, जो धर्म और समृद्धि के बीच संतुलन का प्रतीक है।
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