Amarnath Yatra 2024: आज से अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन शुरू, इस दिन से आरम्भ होगी यात्रा, जानें पूरी प्रक्रिया
Amarnath Yatra 2024: जम्मू। बाबा बर्फानी' की पूजा के लिए वार्षिक अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2024) 29 जून को शुरू होगी और 19 अगस्त, 2024 को समाप्त होगी। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा में शामिल होने के इच्छुक तीर्थयात्री 15 अप्रैल से अपनी अग्रिम बुकिंग कर सकते हैं। अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2024) हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती है जो जुलाई-अगस्त (हिंदू कैलेंडर में श्रावण माह) में श्रावणी मेले के दौरान इस स्थल पर आते हैं - पूरे वर्ष में एकमात्र समय जब अमरनाथ गुफा तक पहुंचा जा सकता है। इस बार यात्रा 52 दिनों तक चलेगी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल यानी आज से शुरू हो गया है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अनुसार, 13 से 70 साल तक के भारतीय नागरिक अमरनाथ यात्रा कर सकते हैं। यात्रा के लिए जरूरी मेडिकल सर्टिफिकेट हासिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2024) के लिए आज से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आप श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं। यदि आप मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पंजीकरण करना चाहते हैं, तो आपको श्री अमरनाथजी यात्रा ऐप डाउनलोड करना होगा। अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट https://jksasb.nic.in पर पंजीकरण करा सकते हैं। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर सरकार और श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के संयुक्त सहयोग से आयोजित की जाती है।
अमरनाथ मंदिर को हिंदुओं के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है और इसके साथ कई किंवदंतियाँ जुड़ी हुई हैं। मंदिर में 51 शक्तिपीठ (वे स्थान जहां देवी सती के शरीर के अंग रखे गए थे) हैं। इसे उस स्थान के रूप में भी वर्णित किया गया है जहां भगवान शिव ने देवी पार्वती को जीवन और अनंत काल का रहस्य बताया था। इस मंदिर का (Amarnath Yatra 2024) अधिकांश भाग वर्ष भर बर्फ से ढका रहता है। गर्मी के मौसम में मंदिर बहुत ही कम समय के लिए खोला जाता है।
अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2024) के दौरान मेडिकल सर्टिफिकेट, 4 पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, आरएफआईडी कार्ड, यात्रा आवेदन पत्र साथ रखें। शारीरिक फिटनेस के लिहाज से रोजाना 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलने का अभ्यास करें, प्राणायाम और व्यायाम जैसे श्वास योग करें। यात्रा के दौरान अपने साथ ऊनी कपड़े, रेनकोट, ट्रैकिंग स्टिक, पानी की बोतल और आवश्यक दवा बैग ले जाएं। यह भी पढ़ें: Chaitra Navratri Seventh Day: माँ कालरात्रि करती हैं शत्रु का नाश, सातवें दिन होती हैं इनकी पूजा, जानें विधि और मंत्र