Alexa Saved Nikita: निकिता ने कैसे बचाई मासूम की जान! एलेक्सा ने कैसे की मदद...

Update: 2024-04-06 11:50 GMT
Alexa Saved Nikita: बस्ती। कहते हैं कि संकट में धैर्य ना खोएं, संयम से काम लें, टेक्नोलॉजी का सही उपयोग करें तो बलाएं टल ही जाती हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया यूपी के बस्ती की लॉडली निकिता ने। उसने ना सिर्फ खुद को मुसीबत से बचाया, बल्कि एलेक्सा की मदद से सवा साल की मासूम को मौत के मुँह में जाने से बचाया। हाँ, हम बात कर रहे हैं यूपी के बस्ती जिले में अपने जीजा के घर आई 13 साल की निकिता की। निकिता अपनी सवा साल की मासूम भांजी वामिका के साथ कमरे में सोफे पर बैठी थी। अचानक बंदरों का का झुंड वहाँ पहुँच कर उत्पात मचाने लगा। ये बंदर किचन में खाने का सामान उल्ट-पुलट कर मासूम वमिका और निकिता की ओर बढ़े। वमिका डर के मारे रोने-चिल्लाने लगी। निकिता भी घबरा गई।
निकिता ने एलेक्सा को दिया भौं-भौं की आवाज़ निकालने का कमांड
बंदरों के संकट से घिरी निकिता के दिमाग में एलेक्सा डिवाइस का ध्यान आया। उसने फौरन आतंक मचा रहे बंदरों से छुटकारा पाने के लिए एलेक्सा डिवाइस को कमांड दिया कि कुत्ते की भौं-भौं की आवाज़ जोर-जोर से निकालो। बस क्या था, एलेक्सा ने कमांड पाते ही भौं-भौं की आवाज़ निकालना शुरू कर दिया। अब बंदर घबरा गए और एक-एक करके वहाँ से बॉलकनी की दीवार कूदकर भाग गए।
निकिता की बुद्धिमानी से लोगों को हो रहा सुखद आश्चर्य
इस तरह से बस्ती जिले के आवास विकास कॉलोनी में 13 साल की निकिता ने तकनीक का इस्तेमाल करके एक मासूम बच्ची की जान बचा ली और खुद को भी परेशानी में आने से बचा लिया। अब निकिता की इस बुद्धिमानी से लोगों को सुखद आश्चर्य हो रहा है। Alexa Saved Nikita की चर्चा हो रही है। 13 साल की निकिता की सूझबूझ से न केवल अपनी और मासूम की जान बचाई, बल्कि तमाम बेटियों-बहुओं, माताओं-बहनों और भाइयों के लिए मिसाल पेश की कि आधुनिक डिवाइस का सही इस्तेमाल कर किसी भी संकट से निज़ात पाई जा सकती है। जैसे एलेक्सा का यूज़ कर निकिता ने मासूम भांजी और खुद को बचाया।  निकिता की सूझबूझ भरी इस होशियारी के किस्से जो भी सुन रहा है, वो कायल हो जा रहा है।
जानिए निकिता की कहानी निकिता की ज़ुबानी
निकिता बताती है कि बंदर उन दोनों की तरफ कई बार दौड़ा। तभी उसकी नज़र एलेक्सा डिवाइस पर गई। फिर मानो उसके दिमाग़ की बत्ती जल गई। उसने एलेक्सा से कुत्ते की आवाज़ निकालने के लिए कमांड दिया। फिर भौं-भौं की तेज़ आवाजें आने लगी और बंदर बॉलकनी से होते हुए छत की तरफ भाग गए।
परिवार के मुखिया बोले ऐसा भी हो सकता है एलेक्सा का यूज़
परिवार के मुखिया पंकज ओझा बताते हैं कि एलेक्सा का इतना बेहतर इस्तेमाल भी हो सकता है। इसके बारे में कभी सोचे भी नहीं थे। ओझा अब निकिता की तारीफ़ करते नहीं थक रहे हैं।
जानिए क्या है एलेक्सा?
एलेक्सा एक वॉयस कमांड से चलने वाला स्पीकर है। ये डिवाइस इंटरनेट के ज़रिए दिए गए टॉस्क को पूरा करता है। एलेक्सा आपके व्यक्तिगत वॉइस असिस्टेंट के रूप में सूचना तक पहुंचने और कम्पेटिबल डिवाइस को नियंत्रित करने के लिए काम करता है। ये डिवॉइस आपके सवालों का ज़वाब दे सकता है। कमांड देने पर आपको ट्रैफिक की जानकारी देगा। किराने की लिस्ट तक बना सकता है। संगीत सुनाने में भरपूर मदद कर सकता है। आप आदेश करो वो आपके लिए वीडियो प्ले कर सकता है। आप कहेंगे गुडनाइट तो यह कमरें की लाइट बंद देगा। एलेक्सा के ज़रिए आप मन मुताबिक मॉर्निंग, इवनिंग, नाइट या किसी भी समय के लिए अलार्म सेट कर सकते हैं। मासूस भतीजी के साथ खुद संकट में फंसी निकिता ने इसी एलेक्सा को वॉयस कमांड देकर कुत्ते की आवाज निकालने को कहा और अपनी और डेढ़ साल की मासूम भांजी की जान बचाई। एलेक्सा का इस तरह से भी उपयोग हो सकता है। अब निकिता के बंदरों से जान बचाने के लिए उपयोग किए गए इस तरीके के लोग कायल हो रहे हैं और उसकी हिम्मत और सूझबूझ की तारीफ कर रहे हैं। Alexa Saved Nikita पर खबरें ट्रेंड कर रही हैं।
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