सिंधु नदी पर बन रही नहरों पर मचा है भारी बबाल, क्यों पाकिस्तान के सिंध प्रांत में उबल रहा है आक्रोश?
सिंधु नदी पर नई नहरों के खिलाफ सिंध में विरोध तेज़, लोग बोले—सेना और पंजाब सरकार हमारा पानी छीन रही, प्रांत का अस्तित्व खतरे में।
सिंधु नदी के पानी को लेकर पाकिस्तान में एक नया संकट पैदा हो गया है। सिंध प्रांत के लाखों लोग सड़कों पर उतरकर सरकार की महत्वाकांक्षी नहर परियोजनाओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। यह विवाद तब और गहरा गया जब पता चला कि इन परियोजनाओं में पाकिस्तानी सेना का सीधा हाथ है। 3.3 बिलियन डॉलर की इस 'ग्रीन पाकिस्तान इनिशिएटिव' के तहत सिंधु नदी पर पांच और सतलुज पर एक नई नहर बनाई जानी है, जिससे सिंध प्रांत को अपने हिस्से का पानी नहीं मिल पाएगा। लेकिन अब तक सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई है। पुलिस के बल प्रयोग और गिरफ्तारियों के बावजूद आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है।
क्या है पूरा मामला..सेना को क्यों देना पड़ा दखल?
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इस साल फरवरी में 'चोलिस्तान परियोजना' का उद्घाटन किया था। इस परियोजना का मकसद दक्षिण पंजाब के चोलिस्तान क्षेत्र में 4.8 मिलियन एकड़ बंजर जमीन को उपजाऊ बनाना है। लेकिन सिंध प्रांत के लोगों का आरोप है कि इससे उनके हिस्से का पानी छिन जाएगा। सिंध विधानसभा ने तो मार्च में ही इस परियोजना के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया था। अब स्थिति यह है कि पिछले 14 दिनों से सिंध के लोग सड़कों पर हैं और नेशनल हाइवे को ब्लॉक कर दिया है।Dharna at Sukkur against Canals on Indus which has taken the toll on the lives of millions in Sindh. Sit-In protest is 24/7. People are not leaving the venue for last 8 days until govt issues notification to CANCEL the project.#NoMoreCanalsOnIndus#SindhRejectsCorporateFarming pic.twitter.com/CbZc3KTVB0
— Ejaz Ali 🇨🇦.. Engineer by profession (@Ejazale9) April 26, 2025