'युद्ध भड़काकर पैसे कमाता है अमेरिका', वायरल हो रहे वीडियो में बोलते दिख रहे पाकिस्तानी मंत्री ख्वाजा आसिफ, क्या तिलमिला जाएंगे ट्रंप?
पाकिस्तान ने अमेरिका पर युद्ध भड़काने का आरोप लगाया, लेकिन क्या उसे पहले अपने अमेरिकी हथियारों और अरबों की फंडिंग पर नहीं सोचना चाहिए?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान देकर सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है, जिसे सुनकर अमेरिका के कान खड़े हो गए होंगे। दरअसल एक वायरल वीडियो में आसिफ ने सीधे अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कह दिया है कि "अमेरिका पिछले 100 साल से दुनिया भर में युद्ध भड़काकर अपने हथियार उद्योग को चमकाता रहा है!" उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने 260 युद्ध लड़े, जबकि चीन सिर्फ तीन में शामिल हुआ। यह बयान सिर्फ पाकिस्तान की ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति की उस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है, जिस पर आमतौर पर पर्दा डाला जाता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान, जो खुद अमेरिका से F-16 जैसे हथियार खरीदता है, इस मामले में नैतिकता की लेक्चर देने का हकदार है? अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक है, जिसका सालाना कारोबार 200 अरब डॉलर से अधिक है। लॉकहीड मार्टिन, बोइंग और रेथियॉन जैसी कंपनियां अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और इनका मुनाफा सीधे युद्धों से जुड़ा है। लेकिन क्या यह सच्चाई पाकिस्तान के लिए भी लागू नहीं होती, जिसकी सेना और आतंकी गुट भी अमेरिकी हथियारों पर निर्भर हैं। यही नहीं, आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी फंडिंग से ही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चलती रही है। तो फिर, अचानक अमेरिका पर यह हमला क्यों? क्या यह पाकिस्तान का चीन की ओर झुकाव है, या फिर अमेरिकी दबाव से बचने की रणनीति?
कैसे संघर्षों से US कमाता है ट्रिलियन डॉलर?
ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान में अमेरिका के हथियार उद्योग को "स्थापित कारोबार" बताया, जो युद्धों से पनपता है। उन्होंने अफगानिस्तान, सीरिया, लीबिया और मिस्र का उदाहरण देते हुए कहा कि ये देश कभी समृद्ध थे, लेकिन अमेरिकी हस्तक्षेप ने उन्हें तबाह कर दिया। आंकड़े भी उनके दावे का समर्थन करते हैं।🚨HUGE: Pakistan Defence Minister Khawaja Asif says that US fuels war between two countries to sell weapon & make money.
Doland @realDonaldTrump ye sahi bol raha hai? pic.twitter.com/9HaTJKfnIl — BALA (@erbmjha) May 24, 2025