KGMU Study: ब्लैक कॉफ़ी और ग्रीन टी का मेटाबॉलिज्म प्रोसेस पर नहीं पड़ता कोई प्रभाव, स्टडी में हुआ खुलासा
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने पाया है कि दोनों पेय पदार्थों का इस पर तत्काल प्रभाव नहीं पड़ता है कि शरीर ऊर्जा के लिए भोजन से चीनी का उपयोग कैसे करता है
KGMU Study: ब्लैक कॉफ़ी और ग्रीन टी का शरीर के मेटाबॉलिज्म प्रोसेस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह खुलासा लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा किये गए एक अध्ययन में हुआ है। बता दें कि यह आम धारणा है कि ब्लैक कॉफ़ी और ग्रीन टी ब्लड (KGMU Study)शुगर को कम करती हैं और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करती है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU Study) के डॉक्टरों ने पाया है कि दोनों पेय पदार्थों का इस पर (Metabolic Processes) तत्काल प्रभाव नहीं पड़ता है कि शरीर ऊर्जा के लिए भोजन से चीनी का उपयोग कैसे करता है। ये दोनों पेय इस बात को भी प्रभावित नहीं करते हैं कि शरीर इंसुलिन के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करता है। अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच किए गए अध्ययन में ग्लूकोज मेटाबॉलिज़्म और इंसुलिन संवेदनशीलता पर इन पेय पदार्थों के प्रभाव को देखा गया। "Effect of Black Coffee and Green Tea on Plasma C-Peptide Levels in Apparently Healthy Adults," शीर्षक का यह शोध अक्टूबर 2024 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ रिसर्च इन मेडिकल साइंस (International Journal of Research in Medical Science) में प्रकाशित हुआ था। डॉ. मित्तल के अनुसार, जहां ब्लैक कॉफी कैफीन और उसके एंटीऑक्सीडेंट के कारण अपने उत्तेजक प्रभावों के लिए जानी जाती है, वहीं ग्रीन टी को उसके शांत करने वाले और सूजन-रोधी गुणों के लिए महत्व दिया जाता है। अध्ययन में पाया गया कि किसी भी पेय का शरीर की मेटाबॉलिज़्म प्रोसेस पर तत्काल प्रभाव नहीं पड़ता है। स्टडी (KGMU Study) पर प्रोफेसर सिंह का कहना था कि मेटाबॉलिज़्म पर ब्लैक कॉफ़ी और ग्रीन टी के किसी भी संभावित दीर्घकालिक प्रभाव का पता लगाने के लिए बड़े समूहों और लंबी अध्ययन अवधि के साथ अधिक शोध की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, यह अध्ययन इस बात की बढ़ती समझ को बढ़ाता है कि ये लोकप्रिय पेय हमारे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं। यह भी पढ़ें: Uric Acid Cure: आपको भी है यूरिक एसिड की समस्या तो बंद करें गेंहू की रोटी, इस आटे का करें इस्तेमाल