Gwalior Crime News: विदेशियों को ठगने वाले इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पुलिस ने किया भंडाफोड़, अमेरिका जांच एजेंसी की टीम पहुंची ग्वालियर
Gwalior Crime News: ठगी कर पैसे ऐंठने के कई मामले आपने देखे और सुने होंगे। लेकिन कुछ घटनाएं दिमाग पर काफी गहरा असर छोड़ देती हैं। ऐसा ही एक मामला ग्वालियर से सामने आया है। यहां पर कोई छोटी-मोटी ठगी नहीं, बल्कि विदेशों में बैठे लोगों को लाखों रूपए की चपत लगाने वाला ये गिरोह काफी शातिर दिमाग वाला है। लेकिन कहते हैं ना कि अति का अंत जरूर होता है। दरअसल झांसी रोड थाना पुलिस ने बीते दिनों माधवनगर स्थित आशीर्वाद होटल के रूम नंबर 204 से सात ठगों की गैंग पकड़ी थी। यह सातों लोग माइक्रो सॉफ्टवेयर कंपनी के कर्मचारी बनकर अमरीका-ब्रिटेन के लोगों को फोन कर उनके कम्पयूटर, लैपटॉप में वायरस होना बताकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। मामले को लेकर होम लैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट एजेंसी की टीम आज ग्वालियर पहुंची। यहां उन्होंने ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव से बातचीत की और आरोपियों की जानकारी ली। अमेरिका की यह जांच टीम पुलिस के साथ मिलकर आरोपियो से भी पूछताछ करेगी। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी हुई है। लेकिन अब देखना यहां होगा कि अमेरिका होम लैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट की जांच टीम और ग्वालियर पुलिस मिलकर क्या-क्या खुलासे करती है? (Gwalior Crime News) यह भी पढ़ें : Congress Manifesto 2024: कांग्रेस के घोषणा पत्र में 5 न्याय और 25 गारंटियां, 30 लाख सरकारी नौकरियां सहित जनता से किए ये वादे…
दुबई से ऑपरेट होता था गैंग
लेकिन जब पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने कड़ाई से पूंछताछ की तो इसमें एक नया ही ऐंगल निकलकर सामने आया है। आरोपियों ने बताया कि उन्हें दुबई में बैठा एक सरगना मोंटी सिकरवार अमेरिका के लोगों के नंबर व्हॉट्सएप्प पर मुहैया कराता था। टीम मेंबर को एक कॉल कर रूपये ऐंठने पर पांच प्रतिशत तक का कमीशन मिलता था, जिसका भुगतान हवाला के जरिए होता था। ज्यादा पैसा कमाने के लिए गैंग कई लोगों को फोन करती और एक बार में कम से कम 1500 डॉलर तक ऐंठते थे। यह रकम सीधे दुबई में बैठे सरगना मोंटी सिकरवार के वॉलेट में जाती थी। ये सभी लोग वाइस कनवर्टिंग एप के जरिए अमेरिकी नागरिकों से बात करते थे। (Gwalior Crime News)अमेरिका की एजेंसी ने संभाला मोर्चा
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सरगना मोंटी के अलावा करन गैंग को ऑपरेट करता था, उसने ही कॉल सेंटर में काम करने का हवाला देकर टीम तैयार की थी। फिलहाल पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है। करन को धंधे के सारे राज पता हैं। गैंग के पास से करीब 5 हजार से ज्यादा मोबाइल नंबर मिले हैं। जालसाजों ने अमरीका में नेटवर्क कैसे, इसका पता लगाने के लिए एबीसी के जरिए अमरीका की होम लैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट से संपर्क किया गया।विदेशियों को ठगने वाले ग्वालियर में चल रहे एक इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।#internationalcallcenter #crimenews #gwaliornews #callcenter #mppolice #OTTIndia pic.twitter.com/2ZqWIoHZkG
— OTT India (@OTTIndia1) April 5, 2024