GUJARAT ATS : म्याऊं-म्याऊं' ड्रग बनाने वाली 3 लैब का भंडाफोड़, गुजरात-राजस्थान में 300 करोड़ की ड्रग्स बरामद, दस गिरफ्तार
GUJARAT ATS : अहमदाबाद । नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ गुजरात एटीएस और एनसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है। गांधीनगर में पेठापुर के पास पीपलज गांव के पास एटीएस और एसओजी ने छापेमारी कर नशीली दवा बनाने वाले कई लैब का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान बड़ी मात्रा में ड्रग भी बरामद की गई। बरामद ड्रग्स मेफेड्रोन है जो म्याऊं-म्याऊं ड्रग के नाम से भी जाना जाता है। बरामद ड्रग की कीमत 300 करोड़ बताई जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में करीब 10 लोगों को दबोचा गया है। जानकारी के मुताबिक, एटीएस ने कुल 7 जगहों पर छापेमारी की जो देर रात तक चलती रही। इस संयुक्त अभियान में 12 पीआई और 17 पीएसआई शामिल हुए। एफएसएल की अलग-अलग टीमें दवा परीक्षण में लगी रहीं। गांधीनगर और राजस्थान के अलावा अमरेली से एक ड्रग फैक्ट्री में भी छापेमारी कर इसे सीज किया गया। रात भर की मल्टीस्टेट कार्रवाई में 149 किलो मेफेड्रोन (पाउडर और तरल रूप में), 50 किलो एफेड्रिन और 200 लीटर एसीटोन जब्त किया गया। अब तक 7 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और इसके मास्टरमाइंड की पहचान हो गई है. जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने एक खेत के अंदर कमरा बना रखा था जहां ड्रग फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। इस दौरान करीब 15 किलो के आसपास बना हुआ एमडी बरामद किया गया। इसकी कीमत 45 करोड़ बताई जा रही है। इसके अलावा करोड़ों का कच्चा माल भी बरामद किया गया। पुलिस ने खेत मालिक रगाराम लोटिवड़ा व भजनलाल बिश्नोई निवासी सांचोर जिला को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।