Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना क्यों माना जाता है शुभ, जानें मान्यता

"अक्षय" शब्द का अर्थ ही है जो कभी कम न हो; इसीलिए, इस दिन शुरू किया गया या खरीदा गया कोई भी काम या चीज़ हमेशा बनी रहने वाली सफलता और आशीर्वाद लाती है।

Update: 2026-04-08 07:49 GMT

Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया हिंदू परंपरा के सबसे पवित्र और शुभ दिनों में से एक है। हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन (तृतीया) को मनाया जाने वाला यह पर्व धन, समृद्धि, सौभाग्य और नई शुरुआत से जुड़ा है।

"अक्षय" शब्द का अर्थ ही है जो कभी कम न हो; इसीलिए, इस दिन शुरू किया गया या खरीदा गया कोई भी काम या चीज़ हमेशा बनी रहने वाली सफलता और आशीर्वाद लाती है, ऐसा माना जाता है।

इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। अक्षय तृतीया से जुड़ी कई रीतियों में से, सबसे लोकप्रिय रीतियों में से एक है सोना खरीदना। पूरे भारत में, लोग इस दिन सोने के गहने, सिक्के या आभूषण खरीदना बहुत शुभ मानते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है?

अक्षय तृतीया पर सोना क्यों खरीदा जाता है?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सोना केवल एक कीमती धातु ही नहीं है—बल्कि इसे समृद्धि, पवित्रता, प्रचुरता और दैवीय आशीर्वाद का प्रतीक भी माना जाता है। सोने का देवी लक्ष्मी से गहरा संबंध है, जो धन और सौभाग्य की देवी हैं। चूंकि अक्षय तृतीया को शाश्वत समृद्धि को आकर्षित करने वाला दिन माना जाता है, इसलिए इस अवसर पर सोना खरीदने से घर में लक्ष्मी जी का आशीर्वाद आने की मान्यता है।

यही कारण है कि कई परिवार इस खरीदारी को केवल एक शॉपिंग के तौर पर नहीं देखते। वे इसे एक आध्यात्मिक और शुभ कार्य मानते हैं।

“अक्षय” के पीछे की मान्यता

अक्षय तृतीया का विशेष महत्व इसके आध्यात्मिक अर्थ में निहित है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान, पूजा-पाठ, जप या खरीदारी ‘अक्षय फल’ प्रदान करती है—अर्थात् ऐसी आशीषें जो निरंतर बढ़ती रहती हैं और कभी समाप्त नहीं होतीं।

इसलिए, जब लोग इस दिन सोना खरीदते हैं, तो उनका मानना ​​होता है कि वे केवल कोई वस्तु नहीं खरीद रहे हैं—बल्कि वे दीर्घकालिक समृद्धि का, स्थिर धन-संपत्ति का, पारिवारिक सौभाग्य का और सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत कर रहे होते हैं।

यही कारण है कि अनेक घरों में इस दिन का भावनात्मक और आध्यात्मिक महत्व होता है।

अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व

अक्षय तृतीया कई महत्वपूर्ण आध्यात्मिक मान्यताओं से भी जुड़ी हुई है। ऐसा माना जाता है कि:

- भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम का जन्म इसी दिन हुआ था

- यह दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है

- इस दिन किए गए दान-पुण्य के कार्यों से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है

यही कारण है कि अक्षय तृतीया न केवल समृद्धि का, बल्कि आस्था, पवित्रता और शुभ आरंभ का भी दिन है।

Tags:    

Similar News