Eid 2026: धूमधाम से देश भर में मनाई जा रही है ईद, पीएम मोदी ने दी बधाई
दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अजमेर, जयपुर से लेकर लखनऊ तक हर जगहों पर बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की है।
Eid 2026: रमज़ान के खत्म होने का प्रतीक, ईद-उल-फ़ित्र आज देश भर में मनाई जा रही है। हालाँकि, मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण उत्सव का माहौल थोड़ा फीका है। कई देशों ने इस त्योहार के लिए चार दिन की छुट्टी की घोषणा की है।
मुस्लिम कैलेंडर का नौवाँ महीना, रमज़ान सबसे पवित्र समयों में से एक है, क्योंकि इसी महीने में पवित्र ग्रंथ कुरान नाज़िल हुआ था। रमज़ान के आखिर में, ईद-उल-फ़ित्र रोज़ा तोड़ने का जश्न है। दोस्त और परिवार वाले मिलकर दावत का आनंद लेते हैं और एक-दूसरे को तोहफ़े देते हैं। ईद की नमाज को लेकर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता की गई है। कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।
दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अजमेर, जयपुर से लेकर लखनऊ तक हर जगहों पर बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की है। ईद के दिन जकात और फितरा देना एक मुख्य धार्मिक कर्तव्य माना जाता है।
पीएम मोदी ने दी ईद की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को ईद की बधाई दी है और चारों ओर भाईचारे और सद्भावना की कामना की है। उन्होंने X पर कहा, "ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन चारों ओर भाईचारे और सद्भावना को और बढ़ाए। सभी लोग खुश और स्वस्थ रहें। ईद मुबारक!"
ईद पर देशभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आज ईद के मौके पर देश भर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने ईद के मौके पर पूरे नई दिल्ली में कई लेयर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसके साथ ही लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक जानकारियों से बचें। इस संबंध में ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों मनाई जाती है ईद
मुसलमान ईद, विशेष रूप से ईद-उल-फ़ित्र, का जश्न रमज़ान के पवित्र महीने के समापन के उपलक्ष्य में मनाते हैं। यह महीना रोज़े, नमाज़, आत्म-अनुशासन और दान का समय होता है। यह अल्लाह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक त्योहार है, जिन्होंने रोज़े पूरे करने की शक्ति प्रदान की। इस दिन, लोग विशेष नमाज़ अदा करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलते हैं, और भोजन व खुशियाँ आपस में बाँटते हैं।
'ज़कात-उल-फ़ित्र' के नाम से दान भी दिया जाता है, ताकि गरीब लोग भी इस उत्सव में शामिल हो सकें। ईद करुणा, एकता, क्षमा और कृतज्ञता जैसे मूल्यों की शिक्षा देती है। यह एक आनंदमय अवसर है जो परिवारों और समुदायों को आस्था और उत्सव के सूत्र में एक साथ पिरोता है।