कल से शुरू होगा हिन्दू नव वर्ष और चैत्र नवरात्रि, ज्योतिषाचार्य से जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य राकेश पाण्डेय बताते है कि ज्योतिषीय ग्रहयोगानुसार बृहस्पति ग्रह इस वर्ष के राजा व मंगल मंत्री हैं। रौद्र नामक सम्वत्सर व उत्तराभाद्रपद नक्षत्र एवं मीन लग्न में वर्ष का आरम्भ हो रहा है।
Hindu Nav Varsh and Chaitra Navratri 2026: रौद्र नामक सम्वत्सर और चैत्र नवरात्रि का आरंभ कल गुरुवार, 19 मार्च से होगा। इस वर्ष नवरात्रि पुरे नौ दिनों का होगा। चैत्र नवरात्रि 19 मार्च गुरुवार से प्रारम्भ होकर 27 मार्च शुक्रवार को समाप्त होगा। 27 मार्च को नवमी दिन में 12:05 तक रहेगी।
कब है कलश स्थापना मुहूर्त?
ज्योतिषाचार्य राकेश पाण्डेय के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि गुरुवार को सुबह 06:40 से प्रारम्भ होकर पूरे दिन रहेगी। नवरात्रि और हिन्दू नए वर्ष का आरम्भ उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में हो रहा है। कल 19 मार्च को कलश स्थापना मुहूर्त सूर्योदय के बाद सुबह 06:40 से सूर्यास्त तक प्रतिपदा में किया जाएगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:36 से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा। कलश स्थापना के बाद माँ भगवती का पूजन षोडशोपचार वा पंचोपचार कर दुर्गासप्तशती का पाठ, नवार्ण मंत्र का जप करें।
ज्योतिषाचार्य राकेश पाण्डेय
कैसा रहेगा यह नव वर्ष?
ज्योतिषाचार्य राकेश पाण्डेय बताते है कि ज्योतिषीय ग्रहयोगानुसार बृहस्पति ग्रह इस वर्ष के राजा व मंगल मंत्री हैं। रौद्र नामक सम्वत्सर व उत्तराभाद्रपद नक्षत्र एवं मीन लग्न में वर्ष का आरम्भ हो रहा है। अतः धर्म के प्रति लोगों की आस्था और अत्यधिक बढ़ेगी। इस वर्ष धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से देश का वातावरण उत्तम होगा । धार्मिक कार्यों में लोगों की रुचि बढ़ेगी। शिक्षा एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से भारत को लाभ होगा।
बृहस्पति एवं मंगल दोनों ग्रह में पूर्ण मैत्री के फलस्वरूप देश के सैन्य बल को विस्तारित किया जाएगा। अस्त्र शस्त्रों का निर्माण किया जाएगा। देश की सैन्य क्षमता एवं राजनैतिक सूझ बूझ से भारत शक्तिशाली देश बनने के योग बन रहें है। द्वादश भाव में तीन ग्रह बैठे है एवं अन्य ग्रहयोगानुसार भूकंप व आगजनी से देश के कई भागों में नुकसान हो सकते है। देश में कानून व्यवस्था सख्त होगी। पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप से काफी नुकसान हो सकते है।
छोटे व बड़े वर्ग के विभिन्न क्षेत्रों के समस्त व्यापारी वर्गों के लिए यह वर्ष बहुत ही शुभ रहेगा।। नृत्य कला व संगीत के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए यह वर्ष काफी सुखद होगा। इसके अलावा लौह व औषधि से जुड़े व्यापारियों के लिए यह वर्ष उत्तम रहेगा। राजनीतिक दलों में आपसी शत्रुता बढ़ने की आशंका है
अतःशान्ति के लिए भगवान शिव व शक्ति की उपासना श्रेयस्कर होगी। साथ ही साथ सम्पूर्ण मानव जाति को चाहिए की माँ भगवती का ध्यान कर "जयन्ती मङ्गला काली भद्र काली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते" मंत्र का जप करते रहें है व दुर्गा सप्तशती का निष्ठा पूर्वक नित्य पाठ करें। जिससे सम्पूर्ण जनमानस का कल्याण होगा।
नव वर्ष का राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव?
इस वर्ष के राजा बृहस्पति एवं मंत्री मंगल के फल स्वरूप विभिन्न राशियों के फल निम्नवत है
मेष- कार्यों में व्यवधान आयेगा, परिजनों से मानसिक तनाव परन्तु हनुमत आराधना के पश्चात लाभ।
वृष- व्यापार में लाभ परन्तु शत्रुओं पर विजय मिलेगी पारिवारिक सुख मिलेगा।
मिथुन- मानसिक व शारीरिक कष्ट हो सकते है परन्तु अचानक धन लाभ एवं शिव आराधना से स्वास्थ्य लाभ ।
कर्क- परिजनों से मानसिक तनाव परंतु व्यापारिक उन्नति ।
सिंह- पद प्रतिष्ठा में वृद्धि एवं अचानक धन प्राप्ति के योग ।
कन्या- आर्थिक नुकसान मानसिक तनाव परंतु शक्ति के उपासना से लाभ।
तुला- कार्यों में प्रगति होगी धन लाभ, परंतु मानसिक तनाव रहेगा शिवा उपासना श्रेयस्कर होगा ।
वृश्चिक- स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं से सतर्क रहें अचानक धन लाभ हो सकता है।
धनु- पारिवारिक कार्यों में सहयोग रहेगा। साथ ही धन लाभ भी होगा लेकिन किसी भी विशेष कार्यों को लेकर सावधानी बरतें अन्यथा नुकसान हो सकते हैं।
मकर- व्यापार में लाभ होगा साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी परन्तु स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है।
कुम्भ-अचानक धन लाभ और व्यापार बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी साथ ही पारिवारिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।
मीन- शारीरिक मानसिक कष्ट से बचें परंतु बृहस्पति की उपासना से लाभ प्राप्त होगा।